अगर आप भारतीय क्रिकेट को करीब से देखना चाहते हैं तो डुलेप ट्रॉफी को मिस नहीं करना चाहिए। यह पहला क्लासिक टूर्नामेंट है जहाँ देश के बेहतरीन खिलाड़ी एक‑दूसरे के खिलाफ खेलते हैं और राष्ट्रीय चयन में अपनी जगह बनाते हैं। आजकल कई युवा खिलाड़ी इस मंच पर अपना दम दिखा रहे हैं, इसलिए हर मैच का नतीजा भविष्य की बड़ी टीमों को प्रभावित करता है।
डुलेप ट्रॉफी पाँच ज़ोन (सेंट्रल, ईस्टर्न, नॉर्थ, साउथ, वेस्ट) के बीच खेला जाता है। प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं और मैच फॉर्मेट प्रथम श्रेणी का होता है यानी चार दिन तक चलता है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 1961 में हुई थी और तब से यह भारतीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
मुख्य उद्देश्य दो चीज़ें हैं – खिलाड़ियों को लंबे फॉर्मेट में अनुभव देना और भारत की टेस्ट टीम के लिए संभावित सितारों को पहचानना। इसलिए selectors हर मैच पर बारीकी से नजर रखते हैं, चाहे वह बैटिंग हो या बॉलिंग.
2025 का डुलेप ट्रॉफी पहले ही शुरू हो चुका है और अब तक कुछ रोमांचक क्षण देखे गये हैं। साउथ ज़ोन ने पहला मैच जीतते हुए पावरप्ले दिखाया, जबकि नॉर्थ ज़ोन के तेज़ गेंदबाजों ने लगातार विकेट लीकेज करके विरोधियों को घसीटा। सबसे ध्यान देने योग्य प्रदर्शन है शरद सिंह (सेंट्रल) का, जिन्होंने दो निरंतर फॉर्मेट में 250+ रन बनाए और टीम को मजबूत स्थिति में ले गए।
अगर आप लाइव देखना चाहते हैं तो मैचों की स्ट्रीमिंग आधिकारिक वेबसाइट या यूट्यूब चैनल पर मुफ्त में उपलब्ध है। साथ ही, हमारी साइट हर शाम प्रमुख हाइलाइट्स के साथ संक्षिप्त सारांश भी देती है, जिससे आपको पूरी जानकारी मिल जाती है बिना बहुत समय लगाए।
ट्रॉफी का अगला फाइनल अभी दो हफ्ते बाद तय होगा और उम्मीद है कि इस बार एक नया चेहरा राष्ट्रीय टीम में जगह बना लेगा। इसलिए यदि आप क्रिकेट के शौकीन हैं तो इस टूर्नामेंट को फॉलो करना न भूलें – यहाँ से कई बड़े सितारे उभरते हैं।
सारांश में, डुलेप ट्रॉफी सिर्फ एक घरेलू प्रतियोगिता नहीं है; यह भारतीय क्रिकेट का भविष्य निर्धारित करने वाला मंच है। हर मैच में नया टैलेंट, नई कहानियाँ और नई उम्मीदें छिपी होती हैं। आप चाहे टीवी पर देख रहे हों या ऑनलाइन, इस टैग पेज पर मिलने वाली ताज़ा खबरों से अपडेट रहें और अपने पसंदीदा खिलाड़ी को सपोर्ट करें।
डुलेप ट्रॉफी में इशान किशन ने शानदार शतक जड़कर अपने खेल का दमखम दिखाया। भारत C की ओर से खेलते हुए किशन ने सिर्फ 121 गेंदों पर शतक बनाया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का नतीजा है। उनके इस प्रदर्शन ने घरेलू क्रिकेट के महत्व को फिर से उजागर किया, खासकर राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावनाओं को देखते हुए।
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