जापान का शेयर बाज़ार दुनिया के बड़े बाज़ारों में गिना जाता है। यहाँ दो मुख्य इंडेक्स चलते हैं – निक्केई 225 और टॉपिक्स. निक्केई 225 जापानी बड़ी कंपनियों का औसत मूल्य दिखाता है, जबकि टॉपिक्स बाजार की समग्र दिशा बताता है. इनका प्रदर्शन अक्सर एशिया के बाकी शेयरों पर असर डालता है.
अगर आप भारत से हैं और जापान में निवेश करना चाहते हैं, तो सबसे पहले जानें कि ट्रेडिंग कब होती है. जापान का मार्केट टोक्यो टाइम ज़ोन (JST) में सुबह 9 बजे खुलता है और दोपहर 3:30 तक चलता है. इसका मतलब है कि हमारे शाम के समय में आप लाइव कीमतें देख सकते हैं.
नवम्बर‑2024 में निक्केई 225 ने लगभग 2% की बढ़ोतरी दिखाई, मुख्य कारण तकनीकी कंपनियों की मजबूत कमाई रही. टॉपिक्स भी समान दिशा में था, लेकिन छोटे‑मध्यम आकार के स्टॉक्स की वैरिएशन ज्यादा थी.
कंपनी‑वार बात करें तो टोयोटा, सॉफ्टबैंक और कैनॉन जैसे दिग्गजों ने लगातार लाभ रिपोर्ट किया है. इनके शेयरों में निवेश करने से दीर्घकालिक स्थिरता मिलती है. वहीं, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर की नई स्टार्ट‑अप्स भी तेजी से बढ़ रही हैं, पर जोखिम थोड़ा अधिक रहता है.
जापान में शेयर खरीदने के दो मुख्य रास्ते हैं – सीधे विदेशी ब्रोकर या भारतीय डिमैट अकाउंट के साथ अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म. अगर आप पहले से ही Zerodha, Upstox आदि का उपयोग करते हैं, तो उनके ‘International Trading’ विकल्प को देख सकते हैं. इन प्लेटफ़ॉर्म पर आपको KYC पूरा करना होता है और फिर जापानी स्टॉक्स में निवेश कर सकते हैं.
एक और तरीका है कि आप भारतीय म्यूचुअल फंड या ETF के माध्यम से जापान की एक्सपोज़र ले सकें. जैसे ‘Nippon India Nifty Japan 50’ जैसी फ़ण्ड्स आपको निक्केई 225 के बराबर रिटर्न देती हैं, बिना सीधे शेयर खरीदने की झंझट के.
ध्यान रखें: विदेशी मुद्रा का उतार‑चढ़ाव आपके रिटर्न को प्रभावित कर सकता है. इसलिए निवेश करने से पहले डॉलर/येन् या रुपये/येन् दर देखें और जोखिम प्रबंधन पर विचार करें.
अगर आप शुरुआती हैं, तो छोटे पोर्टफ़ोलियो से शुरू करना बेहतर रहेगा. पहले 5‑10 शेयर चुनें, उनका प्रदर्शन ट्रैक करें और धीरे‑धीरे अपने निवेश को बढ़ाएँ. नियमित रूप से समाचार पढ़ें – iipt.co.in पर जापान के बाजार की ताज़ा ख़बरें मिलती हैं.
संक्षेप में, जापान शेयर बाजार स्थिर विकास वाला है, प्रमुख कंपनियों का बेसिक फ़ंडामेंटल मजबूत है और भारतीय निवेशकों को कई विकल्प उपलब्ध कराता है. सही ब्रोकर चुनें, जोखिम समझें और दीर्घकालिक लक्ष्य रखें – फिर आपको अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.
जापान के Nikkei 225 इंडेक्स ने 35 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ 42,426.77 का ऐतिहासिक स्तर छू लिया। ये उछाल कमजोर येन और बढ़ती निर्यात कंपनियों के मुनाफे की वजह से आया है। अब हालांकि, 2025 में उतार-चढ़ाव दिख रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों पर खास असर पड़ रहा है।
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