नमस्ते! अगर आप भारतीय संस्कृति में गहराई से रुचि रखते हैं, तो ये पेज आपके लिए है। यहाँ हम रोज़मर्रा के धार्मिक कार्यक्रमों, त्योहारों और पूजा‑व्रत की ताज़ा ख़बरें लाते हैं। पढ़ते रहिए और अपनी रीतियों को अपडेट रखें।
मकर संक्रांति (14 जनवरी) – यह पर्व नए साल की शुरुआत का संकेत देता है। हम आपके लिए शubh संदेश, व्हाट्सएप स्टेटस और बधाई के विचार इकट्ठा किए हैं ताकि आप अपने दोस्तों को आसानी से शुभकामनाएँ भेज सकें।
देव उठनी एकादशी (12 नवंबर) – इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की नींद से जागते हैं। लोग गीता पाठ, विशेष पूजा और तुलसी‑शालिग्राम विवाह जैसे रिवाज करते हैं। यहाँ आपको अनुष्ठान के स्टेप‑बाय‑स्टेप निर्देश मिलेंगे।
नरक चतुर्दशी (30 अक्टूबर) – कृष्ण की नरसुर वध को याद करने वाला यह दिन है। इस त्यौहार पर लोग घर में सफाई, दीप जलाते हैं और पवित्र वस्तुओं को सजाते हैं। हमने आपको शubh मुहूर्त और रीतियों की पूरी जानकारी दी है।
जगन्नाथ मंदिर में पहंडी अनुष्ठान (7 जुलाई) – ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ, बलभद्र और सुब्ध्रा की ‘पहड़ी’ अनुष्थान शुरू हुई। रथ यात्रा के लिए तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं और लाखों श्रद्धालु इस महँतव को देख आएंगे।
इन सभी खबरों में हमने प्रमुख तिथियों, आवश्यक सामग्री और करने‑योग्य कामों को सरल शब्दों में बताया है ताकि आप बिना किसी दिक्कत के तैयारी कर सकें। अगर आप इन कार्यक्रमों में भाग लेना चाहते हैं तो इस पेज को बुकमार्क करें – हर अपडेट यहाँ मिलेगा।
धर्म संस्कृती का हिस्सा बनना सिर्फ पूजा‑पाठ नहीं, बल्कि अपने जीवन में शांति और सकारात्मकता लाना भी है। इसलिए हम हर पोस्ट में आसान निर्देश, उपयोगी टिप्स और भरोसेमंद स्रोत जोड़ते हैं। आप चाहे घर पर अकेले हों या परिवार के साथ, यहाँ आपको वही जानकारी मिलेगी जो आपके रीतियों को सही दिशा देती है।
यदि आपके पास कोई सवाल है या किसी विशेष अनुष्ठान की विस्तृत मार्गदर्शिका चाहिए, तो नीचे कमेंट करके बताइए। हम जल्दी से जवाब देंगे और आगे का कंटेंट उसी हिसाब से तैयार करेंगे। आपका फीडबैक हमें बेहतर बनाता है!
मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण भारतीय त्यौहार है, जिसे 14 जनवरी को मनाया जाता है। यह पर्व नए प्रारंभ का प्रतीक है और सकारात्मकता, समृद्धि और आभार व्यक्त करता है। मकर संक्रांति के विशेष अवसर पर अपनों के साथ साझा करने के लिए यहां कुछ सुंदर शुभकामनाएँ दी गई हैं, जो त्यौहार की आत्मा को व्यक्त करती हैं और खुशियों, स्वास्थ तथा एकता के संदेश देती हैं।
देव उठनी एकादशी 2024 का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाएगा, जब भगवान विष्णु अपने चार महीने के योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है क्योंकि यह शुभ और वैवाहिक गतिविधियों की शुरुआत का संकेत देता है। भक्त परंपरागत गीत गाकर भगवानों को जागरूक करते हैं और तुलसी-शालिग्राम का विवाह अगले दिन संपन्न होता है।
नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली या काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। 2024 में यह 30 अक्टूबर को पड़ेगी। इस पर्व पर भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था, जिससे पाप की समाप्ति और सदाचार की विजय होती है।
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की 'पहंडी' अनुष्ठान रविवार, 7 जुलाई, 2024 को आरंभ हुआ। परंपरागत रूप से आरती और 'मैलम' अनुष्ठान के बाद, देवताओं को मंदिर के अंदर से बाहर निकाला गया। इसके बाद उनके रथों के लिए भव्य शोभायात्रा शुरू हुई। लाखों श्रद्धालु इस आयोजन को देखने के लिए पुरी पहुंचे।
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