भारतीय प्रतिदिन समाचार

नरक चतुर्दशी 2024: शubh मूहर्त, रीति-रिवाज और महत्व की पूरी जानकारी

  • घर
  • नरक चतुर्दशी 2024: शubh मूहर्त, रीति-रिवाज और महत्व की पूरी जानकारी
नरक चतुर्दशी 2024: शubh मूहर्त, रीति-रिवाज और महत्व की पूरी जानकारी
  • अक्तू॰, 30 2024
  • के द्वारा प्रकाशित किया गया Divya B

नरक चतुर्दशी का पौराणिक महत्व

नरक चतुर्दशी हिन्दू धर्म में दिवाली पर्व की शुरुआत का संकेत देती है। इस दिन को राक्षस नरकासुर पर भगवान कृष्ण की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह एक ऐसा दिन है जब भगवान कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा के साथ मिलकर अधर्म का अंत किया और धर्म का अनुसरण करने वाले लोगों को शांति और सुख का संदेश दिया। जिन लोगों पर नरकासुर के अत्याचार हुए थे, उनके लिए यह दिन राहत और आनंद का प्रतिनिधित्व करता है।

इस दिन का एक अन्य महत्व यह भी है कि यह परिवारों को पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर प्रदान करता है। कई घरों में इस दिन पितरों के लिए विशेष पूजा और पवित्र स्नान आयोजित किए जाते हैं ताकि उन्हें अपनी गलतियों से मुक्त किया जा सके और उनकी आत्मा को शांति मिल सके।

उपचारात्मक स्नान और इसके लाभ

नरक चतुर्दशी के दिन सुबह जल्दी उठकर तेल और उबटन का प्रयोग कर स्नान करना अद्वितीय धार्मिक प्रथा है। इसे 'अभ्यंग स्नान' के रूप में जाना जाता है, जो पापों के प्रायश्चित और शरीर की शुद्धता के लिए किया जाता है। यह अकसर तिल के तेल, जड़ी-बूटियों और पुष्पों के मिश्रण से तैयार उबटन का उपयोग कर किया जाता है। इस स्नान का महत्व न केवल धार्मिक बल्कि शारीरिक और मानसिक इनायत के लिए भी होता है, जो व्यक्ति की आंतरिक और बाहरी शांति को सुनिश्चित करता है।

यम दीपक और उसकी रीति-रिवाज

इस दिन का एक और महत्वपूर्ण अनुष्ठान 'यम दीपक' है, जिसे सूर्यास्त के बाद जलाया जाता है। इसे मृत्यु के देवता यमराज को समर्पित किया जाता है, जिससे नर्क का दर्शन और अकाल मृत्यु से मुक्ति प्राप्त होने की मान्यता है। यम दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर रखा जाता है, ताकि यह अंधकार को समाप्त कर घर में प्रकाश और श्रद्धा का प्रवेश करा सके।

यम दीपक का अर्चन करने के बाद लोग अपने प्रियजनों की लंबी उम्र और स्वास्थ्य की कामना करते हैं। इसे परिवार के प्रत्येक सदस्य द्वारा किया जाता है ताकि उनके जीवन से दुर्घटनाओं और असमय मृत्यु का खतरा टल सके।

त्यौहार के साथ जुड़ी शुभता और परंपराएं

नरक चतुर्दशी के दिन पारंपरिक रूप से भगवान कृष्ण, यमराज और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घर की महिलाएं विशेषकर इस दिन का आयोजन करती हैं और इसे ढेर सारे उत्सव के साथ मनाती हैं। यह भी माना जाता है कि इस दिन पूजा के दौरान कृष्ण मंत्रों का जाप करने से धन्य, सुख और शांति का वातावरण बनता है।

इस दिन पुष्प, फल, मिठाइयाँ और तुलसी के पत्ते जैसे परंपरागत चढ़ावे महत्वपूर्ण होते हैं। माना जाता है कि कृष्ण की दोनों मूर्तियों के समक्ष तुलसी चढ़ाने से विशेष रूप से लाभ मिलता है। संकट से उबरने के लिए महिलाएँ घर के बार्जे पर सचेत रूप से इन चढ़ावों को अर्पित करती हैं।

महत्वपूर्ण समय-सारिणी

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 30 अक्टूबर, 2024 को दोपहर 1:15 बजे
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 31 अक्टूबर, 2024 को दोपहर 3:52 बजे
  • अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त: 31 अक्टूबर, 2024 की सुबह 5:06 से 6:16 बजे तक
  • यम दीपक का समय: 30 अक्टूबर, 2024 को शाम 5:30 से 7:02 बजे तक

नरक चतुर्दशी एक बहुत ही महत्वपूर्ण और लोकप्रिय पर्व है जो भगवान का अनुग्रह प्राप्त करने का अवसर देता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। त्योहार के अद्वितीय धार्मिक और सामाजिक महत्व को समझना और उसे सही तरीके से मनाना हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संजोता है और सामाजिक एकता और प्रेम को बढ़ावा देता है।

टैग: नरक चतुर्दशी छोटी दिवाली काली चौदस शुभ मुहूर्त
Divya B
पोस्ट साझा करें
द्वारा लिखित

Divya B

6 टिप्पणियाँ

Sumitra Nair

Sumitra Nair

जैसे ही सूर्यास्त के बाद यम दीपक जलता है, मन में शांति का सागर प्रवाहित हो जाता है। इस अनुष्ठान को अपनाने से न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है बल्कि आत्मा की गहरी शुद्धि भी सिद्ध होती है। 🌺🙏

Ashish Pundir

Ashish Pundir

आभ्यंग स्नान का समय ठीक है लेकिन व्यावहारिक उपयोग में शायद ज्यादा असर नहीं।

gaurav rawat

gaurav rawat

भाई सार, अगर तुम सुबह 5:06 बजे से 6:16 तक स्नान करोगे तो तुम्हारे मन में ऊर्जा का संचार महसूस होगा 😊👍

Vakiya dinesh Bharvad

Vakiya dinesh Bharvad

यह त्योहार भारत की विविधता को दर्शाता है 😊 गृहस्थी में यम दीपक रखने से बुराई दूर रहती है

Aryan Chouhan

Aryan Chouhan

कीछु तो बोरिंग लग रहा है देखो इस टाइम पर लोग बस फोटो खींचते है 😂

Tsering Bhutia

Tsering Bhutia

नरक चतुर्दशी का इतिहास वास्तव में प्राचीन ग्रंथों में गहराई से वर्णित है।
यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत को चिन्हित करता है और कई परिवार इसे बड़ी श्रद्धा से मनाते हैं।
अभ्यंग स्नान के लिए तिल के तेल, जड़ी-बूटियों और पुष्पों का मिश्रण उपयोग करने से त्वचा पर नाजुक चमक आती है।
स्नान के बाद शरीर में नवीनीकृत ऊर्जा का संचार महसूस होता है, जो दिन भर की थकान को दूर करता है।
यम दीपक को सूर्यास्त के बाद जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है।
दीपक के साथ साथ आप घर के मुख्य द्वार पर हल्का धूप तेल भी लगा सकते हैं, इससे सकारात्मक माहौल बनता है।
इस दिन तुलसी पत्ते और फूल का अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे घर में समृद्धि आती है।
विशेष रूप से महिलाओं को इस अवसर पर प्रार्थना करने से मन की शांति मिलती है और परिवार में सौहार्द बना रहता है।
यदि आप बाहर के मंदिर में पूजा अर्पित करने का अवसर न पा रहे हों तो घर के अलैं में छोटा मंदिर स्थापित कर सकते हैं।
अभ्यंग स्नान के लिए जल का तापमान मध्यम रखें, बहुत गर्म या बहुत ठंडा न हो, ताकि शरीर को आराम मिले।
स्नान के बाद यम दीपक को केंद्रित करके उजाले की ओर देखना ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।
इस दिन के शुभ मुहूर्त में दान-परदान करने से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कई लोग इस अवसर पर पितरों को याद करते हुए विशेष अन्नदान करते हैं, जो आत्मा को शांति प्रदान करता है।
यदि आप बच्चों के साथ यह त्योहार मनाते हैं तो उन्हें कथा सुनाकर पौराणिक ज्ञान से परिचित करा सकते हैं।
कुल मिलाकर, नरक चतुर्दशी न सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी समृद्ध बनाता है।

एक टिप्पणी लिखें

अभी जमा करे
खोज

श्रेणियाँ

  • खेल (80)
  • समाचार (39)
  • व्यापार (28)
  • राजनीति (23)
  • मनोरंजन (18)
  • शिक्षा (14)
  • धर्म संस्कृति (7)
  • समाज (6)
  • प्रौद्योगिकी (6)
  • स्वास्थ्य (2)

नवीनतम पोस्ट

नोएडा में बवाल: 300 कंपनियों में तोड़फोड़, यूपी सरकार ने बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी
नोएडा में बवाल: 300 कंपनियों में तोड़फोड़, यूपी सरकार ने बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी
  • 15 अप्रैल, 2026
तमिलनाडु ट्रेन हादसा: बागमती एक्सप्रेस की मालगाड़ी से टक्कर से 19 घायल
तमिलनाडु ट्रेन हादसा: बागमती एक्सप्रेस की मालगाड़ी से टक्कर से 19 घायल
  • 12 अक्तू॰, 2024
सिद्धू मूसे वाला के नवजात बेटे का अनावरण: उनका अनमोल उपहार और प्रिय स्मृतियाँ
सिद्धू मूसे वाला के नवजात बेटे का अनावरण: उनका अनमोल उपहार और प्रिय स्मृतियाँ
  • 8 नव॰, 2024
निकहत ज़रीन को वु यू के हाथों करारी हार, पेरिस ओलंपिक से बाहर
निकहत ज़रीन को वु यू के हाथों करारी हार, पेरिस ओलंपिक से बाहर
  • 1 अग॰, 2024
अमिताभ बच्चन ने 'कल्कि 2898 एडी' प्रमोशनल इवेंट में की शिरकत, निर्माता अश्विनी दत्त के पैर छुए
अमिताभ बच्चन ने 'कल्कि 2898 एडी' प्रमोशनल इवेंट में की शिरकत, निर्माता अश्विनी दत्त के पैर छुए
  • 20 जून, 2024

टैग क्लाउड

  • क्रिकेट
  • भारत
  • शेयर बाजार
  • राहुल गांधी
  • दक्षिण अफ्रीका
  • लाइव स्ट्रीमिंग
  • फुटबॉल
  • भारतीय क्रिकेट
  • स्टॉक मार्केट
  • विराट कोहली
  • आंध्र प्रदेश
  • केरल
  • श्रीलंका
  • बांग्लादेश
  • टेनिस
  • इंग्लैंड
  • ममता बनर्जी
  • चुनाव आयोग
  • पाकिस्तान
  • वेस्ट इंडीज
भारतीय प्रतिदिन समाचार

मेन्यू

  • हमारे बारे में
  • सेवा नियम
  • गोपनीयता नीति
  • संपर्क करें
  • DPDP

©2026 iipt.co.in. सर्वाधिकार सुरक्षित