हाल ही में तुरुस्त के उत्तर में एक बड़ा ज़लजला आया जिसने कई शहरों को हिला दिया। इस भूकम्प की तीव्रता रिवर्स स्केल पर 7.2 मापी गई और सैकड़ों इमारतें कमजोर हो गईं। अगर आप या आपका कोई जानकार उसी इलाके में है तो तुरंत सुरक्षित जगह की तलाश करें।
आगे बढ़ते‑बढ़ते, सरकारी एजेंसियों ने राहत केंद्र खोल दिए हैं जहाँ खाना, पानी और मेडिकल सहायता मिलती है। कई गाँवों में रास्ते टूटे हुए हैं, इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और स्थानीय अधिकारियों के निर्देश मानें। बची हुई इमारतों की जांच भी जारी है; अगर दीवार या छत में दरार दिखे तो अंदर न जाएँ।
सही जानकारी पाने के लिए आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद न्यूज़ पोर्टल देखें। सोशल मीडिया पर फेक खबरें जल्दी फैलती हैं, इसलिए पुष्टि किए गए स्रोतों से ही अपडेट लेंगे। अगर आप मदद करना चाहते हैं तो स्थानीय NGOs की सूची में दान कर सकते हैं; उनका काम सीधे प्रभावित लोगों तक पहुँचता है।
भूकम्प के बाद सबसे जरूरी बात है बचाव टीमों को रास्ता देना। अगर आप बचाव दल नहीं हैं तो भी आप मदद कर सकते हैं: आवाज़ निकालें, ज़रूरतमंद लोगों की जानकारी दें और प्राथमिक उपचार में मदद करें। पानी का स्रोत साफ रखें, क्योंकि बाढ़ या जमे हुए पाइप से जल दूषित हो सकता है।
सुरक्षा के लिए कुछ आसान कदम अपनाएँ:
इन छोटे‑छोटे कदमों से आप और आपके परिवार को बचाया जा सकता है। याद रखिए, मदद की सबसे बड़ी चीज़ है शांत रहना और सही जानकारी पर भरोसा करना।
भविष्य में भी अगर ऐसे ज़लजले आते हैं तो स्थानीय प्रशासन के निर्देश मानें और जल्द‑से‑जल्द सुरक्षित जगह जाएँ। तुरुस्त के लोग इस कठिन समय में एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं – हम सबको चाहिए कि हम उनके साथ खड़े हों, चाहे वो दान हो या जानकारी साझा करना।
23 अप्रैल 2025 को इस्तांबुल के पास मारमारा सागर में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 359 लोग घायल हुए। 130 से ज्यादा झटकों और हल्के सुनामी के बावजूद, बड़ी इमारती तबाही नहीं हुई। विशेषज्ञों ने इससे फिर से क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता पर चिंता जताई।
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