क्या आपने कभी सोचा है कि छोटे‑छोटे बदलाव से आपका स्वास्थ्य कितना बेहतर हो सकता है? इस लेख में हम ऐसी ही सरल आदतों पर बात करेंगे जो आपकी ऊर्जा बढ़ाएँगी और रोग‑प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेंगी।
सबसे पहला कदम है खाने के पैटर्न को ठीक करना। बहुत देर तक भूखे रहना या रात में भारी खाना पचाने में दिक्कत पैदा करता है। कोशिश करें कि दिन में तीन मुख्य भोजन और दो हल्की स्नैक्स हों। फल, सब्ज़ियां और दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं—इन्हें हर प्लेट में शामिल करना फायदेमंद रहेगा।
जिम जाना जरूरी नहीं, सिर्फ 30 मिनट की तेज़ चलना या घर पर योग भी काफी है। यदि आप ऑफिस में बैठते हैं तो हर दो घंटे बाद पाँच‑पाँच मिनट खड़े होकर स्ट्रेच कर सकते हैं। यह रक्त संचार को सुधारता है और पीठ दर्द से बचाता है। छोटे‑छोटे लक्ष्य बनाएं, जैसे आज 5 किमी चलना, फिर धीरे‑धीरे दूरी बढ़ाएँ।
नींद भी स्वास्थ्य का बड़ा घटक है। वयस्कों के लिए 7‑8 घंटे की गहरी नींद जरूरी है। सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन टाइम कम करें और हल्का किताब पढ़ें। ठंडी कमरे में, आरामदायक तकिए और कंबल के साथ सोना आपके शरीर को रिचार्ज करता है।
पानी पीना न भूलें—कम से कम 8 ग्लास पानी दिन भर में लेना चाहिए। अगर आप अक्सर थकान या सिर दर्द महसूस करते हैं, तो डिहाइड्रेशन ही कारण हो सकता है। सुबह उठते ही एक ग्लास गुनगुना पानी ले लें, इससे मेटाबॉलिज्म भी तेज़ होता है।
तनाव को कम करने के लिए आसान तकनीकें अपनाएँ। पाँच‑पाँच मिनट की डीप ब्रीदिंग या ध्यान से दिमाग साफ रहता है और हार्ट रेट घटता है। आप अपने पसंदीदा गाने सुनकर, फूलों की महक लेकर या हल्की सैर करके भी मन को रिलैक्स कर सकते हैं।
सामान्य बीमारियों से बचने के लिए वैक्सीनेशन टाइम टेबल चेक करें और सालाना हेल्थ चेक‑अप करवाएँ। अगर कोई पुरानी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह ले बिना दवा नहीं बदलें—छोटी‑छोटी दवाओं का असर बड़ा हो सकता है।
अंत में यही कहूँगा कि स्वास्थ्य के लिए बड़े कदमों की ज़रूरत नहीं, बस निरंतर छोटे‑छोटे प्रयास ही काफी हैं। आज से एक दो टिप्स अपनाएँ और धीरे‑धीरे अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में बदलाव देखें। आपके स्वस्थ जीवन की राह यहाँ से शुरू होती है।
केरल के मलप्पुरम में 24 साल के छात्र की निपाह वायरस से मौत, इस वर्ष की दूसरी घटना। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार छात्र बेंगलुरु से आया था और 4 सितंबर को बुखार आने के बाद उसकी तबियत बिगड़ रही। वायरस की पुष्टि पुणे के वायरोलॉजी संस्थान में खून की जांच के बाद हुई। इसके मद्देनज़र 151 लोग निगरानी में हैं और पांच अन्य व्यक्तियों के नमूनों की जांच की जा रही है।
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