रेलवे दुर्घटनाएं अचानक नहीं होतीं। अक्सर छोटी‑छोटी लापरवाही या सिस्टम की खामी से बड़ी समस्या बन जाती है. इस पेज में हम सबसे ताज़ा रेलहादसों को समझेंगे, कारण जानेंगे और यात्रियों के लिए आसान बचाव टिप्स देंगे.
पिछले महीने उत्तराखंड की एक पहाड़ी ट्रेन ट्रैक पर पिसी हुई बर्फ से फिसल कर डिगर में गिर गई। दो लोगों की मौत और कई घायल हुए. जांच से पता चला कि रूट में बर्फ हटाने का काम देर से हुआ था.
दक्षिण भारत में एक मालगाड़ी ने सिग्नल तोड़कर पास के गांव में टक्कर मार दी. इस बार कारण तकनीकी त्रुटि था – सिग्नल कंट्रोल सेंटर की स्क्रीन पर कुछ लोड नहीं दिखा रहा था. इससे कई लोग बच गए, लेकिन सामान का नुकसान बड़ा हुआ.
पश्चिम बंगाल के एक छोटे स्टेशन पर दो लोक ट्रेनें टकराईं क्योंकि ऑपरेटर ने सही समय पर ब्रेक नहीं लगाया. इस घटना में कोई जानी-मानी मौत नहीं हुई, पर यात्रियों को चोटें आईं और प्लेटफॉर्म पर अराजकता फैली.
सबसे आम कारण हैं – सिग्नल फेल होना, ट्रैक रख‑रखाव की कमी, मौसम संबंधी समस्या और इंसान की गलती. इनको कम करने के लिए रेलवे ने कई कदम उठाए: डिजिटल सिग्नलिंग, रेगुलर ट्रैक जांच, वर्दीधारी कर्मियों की प्रशिक्षण कार्यक्रम.
यात्रियों को भी अपनी सुरक्षा में हाथ बंटाना चाहिए. ट्रेन में बैठते समय सीट बेल्ट (यदि उपलब्ध हो) लगाएँ, प्लेटफ़ॉर्म पर खड़े होते समय लाइन के पास न खड़े हों और अज्ञात लोगों से सामान नहीं ले जाएँ.
अगर आप देखेंगे कि ट्रैक पर कोई गड़बड़ी है – जैसे टूटे हुए रेल या लटके हुए वस्तुएं – तो तुरंत स्टेशन अधिकारी को बता दें. छोटे‑छोटे संकेत बड़े हादसे रोक सकते हैं.
साथ ही, यात्रा से पहले ट्रेन की समय-सारणी और रूट चेक कर लें. अगर कोई ट्रेन देर से चल रही है, तो उसके पीछे न खड़े हों; प्लेटफ़ॉर्म पर दूरी बनाए रखें.
अगर आप अचानक ब्रेक लगते देखें या गड़गड़ाहट सुनें, तो तुरंत सीट बेल्ट (यदि हो) कसें और अपने आस-पास के लोगों को शांत रखें. पैनिक से स्थिति बिगड़ सकती है.
आख़िर में, रेलवे की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर रोज़ाना अपडेट पढ़ें. अक्सर वहाँ पर रख‑रखाव, बर्फ हटाने, जल स्तर आदि की जानकारी मिलती है जो आपको समय‑से‑समय तैयार रखेगी.
हमारी कोशिश रही कि आप रेलहादसों को समझ कर सुरक्षित यात्रा कर सकें. अगर कोई नई दुर्घटना हुई या सुरक्षा के नए नियम आएँ तो हम यहाँ अपडेट करेंगे, इसलिए इस पेज को बार‑बार देखना ना भूलें.
तमिलनाडु में बागमती एक्सप्रेस और मालगाड़ी के बीच टक्कर के परिणामस्वरूप 19 यात्री घायल हो गए। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। रेलवे प्राधिकरण घटना की जांच कर रहे हैं और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की।
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