अगर आप भी नवरात्री के बारे में जानना चाहते हैं तो सही जगह पर आए हैं। यह त्यौहार भारत में दुर्गा माँ की आराधना के लिए खास तौर पे मनाया जाता है, लेकिन इसके साथ ही महालक्ष्मी और काली का भी सम्मान होता है। नौ दिन तक चलने वाला ये उत्सव हर साल अलग‑अलग तिथियों में आता है, इसलिए इस बार कब है जानने के लिये कैलेंडर देख लेना फायदेमंद रहेगा।
नवरात्री आमतौर पर हिन्दू पंचांग के आश्विन महीने में आती है, जब चंद्रमा शुक्ल पक्ष का नवमी दिन होता है। इस समय माँ दुर्गा अपने सभी रूपों में प्रकट होती हैं – प्रथम रूप शैलपुत्री, द्वितीय काली, तृतीय महालक्ष्मी, और चौथी से नौवीं तक विभिन्न स्वरूपों में। प्रत्येक रात को एक नया स्वरूप पूजा किया जाता है, इसलिए घर‑घर में अलग‑अलग अनुष्ठान देखे जा सकते हैं।
सामान्य तौर पर नवरात्री की शुरुआत पहले दिन के ‘गुजार’ (अधिवेश) से होती है और नौवें दिन ‘विजया दशमी’ या ‘दशहरा’ मनाया जाता है, जहाँ बुराई का अंत हो जाता है। यह क्रमिकता इस बात को दर्शाती है कि कठिनाइयों को कैसे धीरे‑धीरे पार किया जा सकता है।
पूजा के लिये महँगा सामान नहीं चाहिए – बस एक साफ जगह, कुछ फूल, हल्दी‑चीनी और माँ का चित्र या मूरत रख लें। पहले दिन शैलपुत्री की मूर्ति पर लाल वस्त्र रखें, फिर अगले दिन काली के लिए काली रंग का कपड़ा बदलें। रोज़ाना दो घंटे से कम नहीं समय निकाल कर मंत्र पढ़ना या आरती करना पर्याप्त माना जाता है।
अगर आप व्रत रखने वाले हैं तो सादा फल, फलों का रस और हल्का खिचड़ी ही खाना ठीक रहेगा। दाल‑चना या कुटी की सब्ज़ी भी इस व्रत में अनुमति है। रात को जल्दी सोना और सुबह स्नान के बाद हल्दी‑चाय पीना शरीर को साफ रखता है।
नवरात्री के दौरान कई शहरों में ‘जगन्नाथ पंडाल’ या ‘पुजा महोत्सव’ लगते हैं। यदि आप बाहर जाकर देखना चाहते हैं, तो स्थानीय समाचार से समय और स्थान की जाँच कर लें। अक्सर इन कार्यक्रमों में सांस्कृतिक नृत्य, संगीत और मिठाई का स्टॉल भी लगे होते हैं – यह पूरे परिवार के लिये मज़ेदार रहता है।
समाचार साइट पर हम नियमित रूप से नवरात्री से जुड़े अपडेट डालते रहते हैं: कौन‑से मंदिर में विशेष रात्रि पूजा होगी, कौन सी कलाकार की शोभा देखेंगे आप, या फिर कोई नई सामाजिक पहल जो इस त्यौहार को और खास बनाती है। हमारी वेबसाइट iipt.co.in पर ‘नवरात्री’ टैग के तहत सभी लेख एक जगह मिल जाएंगे, तो बेझिझक पढ़ें और अपने उत्सव की योजना बना लें।
आखिर में याद रखिए – नवरात्री सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि आत्म‑साक्षात्कार का भी समय है। नौ रातों में अगर आप अपनी मन की शांति और सकारात्मक सोच को बनाए रखें, तो जीवन में नई ऊर्जा जरूर आएगी। इस पावन अवसर पर खुद को रिचार्ज करने के साथ‑साथ अपने परिवार और मित्रों के साथ खुशियों बाँटें।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने एक कार्यक्रम में पूछा गया कि यदि उन्हें उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन या दानकर्ता जॉर्ज सोरोस के साथ डिनर करना हो, तो वे किसे चुनेंगे। जयशंकर ने चतुराई से उत्तर दिया व्यक्त करते हुए कहा, "मैं नवरात्रि का उपवास कर रहा हूँ," जिससे उन्होंने इस विवादास्पद प्रश्न से बचने की कुशलता दिखाई।
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