दीपावली का दूसरा दिन अक्सर ‘छोटी दिवाली’ के नाम से जाना जाता है। लोग इस दिन को भी बड़ी धूमधाम से मनाते हैं, लेकिन आमतौर पर यह बड़ा दीपावली की तुलना में कम फैंसी होता है। फिर भी छोटा हो या बड़ा, दीयों की रौशनी घर‑घर में खुशी लाती है। आप भी सोच रहे होंगे – छोटी दिवाली का असल मतलब क्या है और इसे कैसे मनाया जाए? चलिए, सरल शब्दों में समझते हैं.
परम्परागत रूप से बड़ी दीपावली ‘धनत्रयोदशी’ या ‘विजयादशमी’ के नाम से मनाई जाती है। उसी महीने की 15वीं तिथि को ‘कुंभीकरण’ यानी छोटे‑छोटे दीयों का इस्तेमाल करके घर को रोशन किया जाता है, इसलिए इसे छोटी दिवाली कहा गया। इस दिन माँ लक्ष्मी का विशेष पूजन नहीं, बल्कि मुख्य रूप से भगवान कृष्ण की रावणवध की याद में बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हैं.
1. दीये बनाना: मिट्टी, कागज़ या प्लास्टिक के छोटे‑छोटे दीये तैयार करते हैं। घर के कोनों में उन्हें रखकर तेल या घी से जलाते हैं। अगर आप क्रिएटिव मूड में हों तो पुराने कपड़ों के टुकड़े, पेंसिल शार्पनर आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं.
2. भोजन: इस दिन कई घरों में ‘पूरी‑आलू’, ‘पापड़’ और मीठे ‘सेवइयाँ’ बनाते हैं। खास बात यह है कि पकवानों में हल्की मिठास रखी जाती है, क्योंकि छोटी दिवाली को हल्का‑फुल्का मनाने की रिवायत होती है.
3. पुजा: कुछ लोग इस दिन माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों का पूजन करते हैं। छोटा-सा ‘कुंड’ में पानी, नारियल, कच्ची चावल रखकर स्नान के बाद घर की सफ़ाई कर लेते हैं.
4. सजावट: दीयों के साथ रंग-बिरंगी पिचकारी और फूलों की सजावट भी लोकप्रिय है। छोटे‑छोटे लालटेन को टांगने से माहौल और भी खुशमिजाज़ हो जाता है.
इन रिवाज़ों में कोई जटिलता नहीं है, बस थोड़ी सी तैयारी चाहिए. अगर आप आजकल के ‘DIY’ ट्रेंड का फैन हैं तो ऑनलाइन कई वीडियो मिलेंगे जो दिखाते हैं कैसे 5‑10 मिनट में क्यूँकुड़े दीये बनाये जाएँ.
बाजार में इस दिन से जुड़ी ख़बरें भी अक्सर आती रहती हैं. हमारे पोर्टल पर ‘छोटी दिवाली’ टैग वाले लेखों में आप देख सकते हैं कि कैसे छोटे‑छोटे शिल्पकार अपने हाथों से दीये बनाते हैं, कौन‑से नए रेस्टोरेंट इस त्यौहार को खास मेन्यू के साथ पेश कर रहे हैं और किस शहर में विशेष ‘दीपावली जशन’ आयोजित हो रहा है. इन लेखों में आप साइड बाय साइड तुलना भी पा सकते हैं – जैसे कि छोटे दीये बनाने की लागत, लोकप्रियता, या फिर विभिन्न राज्यों में इस दिन मनाए जाने वाले अनोखे रीति‑रिवाज़.
अगर आप अभी भी उलझे हुए हैं तो नीचे कुछ आसान टिप्स देखें:
छोटी दिवाली को यादगार बनाने का सबसे बड़ा राज है – मिलजुल कर मनाना. परिवार के साथ दीये सजाएँ, घर में संगीत चलाएँ और मिठाई बाँटें. इस तरह आपका छोटा‑सा त्यौहार भी बड़े दिल से याद रहेगा.
हमारी वेबसाइट ‘भारतीय प्रतिदिन समाचार’ पर छोटी दिवाली से जुड़ी ताज़ा खबरें, रेसिपी और DIY गाइड रोज़ अपडेट होते रहते हैं. अगर आप अधिक जानकारी चाहते हैं तो टैग पेज पर क्लिक करें, वहाँ आपको कई उपयोगी लेख मिलेंगे जो आपके त्यौहार को आसान बनायेंगे.
नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली या काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। 2024 में यह 30 अक्टूबर को पड़ेगी। इस पर्व पर भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था, जिससे पाप की समाप्ति और सदाचार की विजय होती है।
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