अगर आपकी कुंडली में सूर्य तुला (Libra) में है या आप खुद तुला राशि वाले हैं, तो शादियों से जुड़ी कई सवाल आपके दिमाग में आते हैं। कौनसे राशियाँ सबसे अच्छी होंगी? किस महीने शादी करनी फायदेमंद रहेगी? इन सबका जवाब सरल भाषा में यहाँ मिलेगा।
ज्योतिष के अनुसार तुला का स्वभाव संतुलन, शांति और सौंदर्य की चाह रखता है। इस कारण वे ऐसे साथी चाहते हैं जो समझदार, सामाजिक और जीवन में बराबरी का भाव रखें। सबसे ज्यादा मिलती-जुलती राशियाँ हैं – मिथुन, कर्क, धनु और मकर।
मिथुन के साथ बात‑चीत तेज होती है, दोनों को नई‑नई चीज़ें सीखने को मिलती हैं। कर्क से तुला को घर की गरमी और सुरक्षा का एहसास मिलता है। धनु के साथ रोमांचक यात्रा और खुले विचारों की साझेदारी बनती है। मकर के साथ स्थिरता और लक्ष्य‑केन्द्रित जीवन आसान हो जाता है।
वृश्चिक या मेष जैसी तीव्र ऊर्जा वाली राशियों से कभी‑कभी टक्कर हो सकता है, क्योंकि उनकी आग तुला की शांति को परेशान कर सकती है। परन्तु समझदारी और संवाद से इनका भी समाधान निकलता है।
शादी का समय चुनते समय कई पहलुओं को देखना चाहिए – ग्रहों की स्थिति, माहौल और व्यक्तिगत पसंद। सबसे शुभ महीने अक्सर अक्टूबर‑नवंबर होते हैं, जब शनि और गुरु अच्छे प्रभाव डालते हैं। इस दौरान शादी से आर्थिक लाभ भी मिल सकता है।
रिवाजों में तुला के लिए खास बात यह है कि वे सजावट और संगीत को बहुत महत्व देते हैं। फूलों की महक, हल्का संगीत और सुंदर रंग माहौल बनाते हैं। अगर आप बजट पर नहीं जाना चाहते तो स्थानीय कलाकारों से सस्ते में शानदार सजावट करवाएँ।
एक और महत्वपूर्ण बात – संवाद। तुला लोग अक्सर अपनी भावनाओं को अंदर रख लेते हैं। इसलिए शादी के बाद नियमित रूप से एक‑दूसरे से बातें करना चाहिए, ताकि छोटे‑छोटे मुद्दे बड़े न हों।
अगर आप पहले ही मिलान कर चुके हैं तो अगला कदम है परिवार का समर्थन पाना। भारतीय शादियों में रिश्तों की महत्ता बहुत बड़ी है, इसलिए दोनों पक्षों के बुजुर्गों को शामिल करना फायदेमंद रहता है। उनसे सलाह लें, लेकिन खुद के फैसले भी रखें।
सही खानपान भी शादी की खुशी बढ़ाता है। तुला लोगों को हल्का और संतुलित भोजन पसंद आता है – दाल‑चावल, सलाद और ताज़ी सब्ज़ियाँ। मिठाइयों में फलों का जूस या हल्की केक बेहतर रहेगी।
अंत में एक छोटा टिप: अगर शादी से पहले वैवाहिक काउंसलिंग ले सकें तो बहुत फायदा होगा। यह सिर्फ समस्याओं को रोकता नहीं, बल्कि आपसी समझ को भी गहरा करता है।
तुलसि विवाह के बारे में अब आपको काफी जानकारी मिल गई होगी। याद रखें, सबसे बड़ी कुंजी है समझदारी और खुले दिल से बात करना। यदि ये सब अपनाएँ तो आपकी शादी न सिर्फ शुभ रहेगी, बल्कि सुखी जीवन की शुरुआत भी बनेगी।
देव उठनी एकादशी 2024 का पर्व 12 नवंबर को मनाया जाएगा, जब भगवान विष्णु अपने चार महीने के योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है क्योंकि यह शुभ और वैवाहिक गतिविधियों की शुरुआत का संकेत देता है। भक्त परंपरागत गीत गाकर भगवानों को जागरूक करते हैं और तुलसी-शालिग्राम का विवाह अगले दिन संपन्न होता है।
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