अगर आप शेयर बाजार या बैंकिंग में नए हैं तो "सिटी स्लिप" शब्द सुनकर थोड़ा उलझन महसूस कर सकते हैं। दरअसल यह एक छोटा-सा दस्तावेज़ होता है जो आपके लेन‑देनों का सार देता है – कब, कितना, किसे और क्यों। इसे समझना ज़रूरी इसलिए भी है क्योंकि हर दिन कई बार आपका पैसा अलग‑अलग जगहों पर चलता रहता है।
सिटी स्लिप सिर्फ बड़े निवेशकों के लिए नहीं, आम आदमी के लिये भी उपयोगी है। जब आप एटीएम से नकद निकालते हैं, ऑनलाइन ट्रांसफर करते हैं या शेयर खरीदते‑बेचते हैं, तो आपको एक प्रिंटआउट या डिजिटल नोटिफ़िकेशन मिलता है. वही स्लिप आपका रिकॉर्ड बन जाता है.
पहला कदम – तारीख और टाइम देखिए। यह बताता है कि लेन‑देन कब हुआ, ताकि आप रिवर्स या डिस्प्यूट में तर्क दे सकें. दूसरा – ट्रांज़ैक्शन टाइप (जमा, निकासी, शेयर खरीद आदि). तीसरा – राशि. इसे दोबारा जाँचें; कभी‑कभी सिस्टम गलती से कम या ज्यादा दिखा देता है.
चौथा – भागीदार का नाम/खाता नंबर. अगर यह आपके बैंक की स्लिप है तो उसमें केवल IFSC कोड और शाखा का छोटा विवरण मिलेगा, लेकिन शेयर ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म की स्लिप में कंपनी का टिकर (जैसे "RELIANCE") भी दिखेगा.
आखिरी भाग – नोट या टिप्पणी. यहाँ अक्सर बैंक या ब्रोकरेज कोई विशेष शर्त लिखता है जैसे “ड्राफ्ट फ्री” या “ऑफ़लाइन ट्रेडिंग”. इस हिस्से को नज़रअंदाज़ मत करना; यह कभी‑कभी टैक्स या फीस के बारे में इशारा कर सकता है.
आज के बाजार में दो बड़ी बातें सामने आईं: पहला, कुछ बड़े निवेशकों ने अचानक हाई‑वॉल्यूम ट्रेडिंग शुरू किया, जिससे कई स्टॉक्स की कीमतें 5-7% तक कूद गईं. उनकी सिटी स्लिप में "बुलिश" संकेत मिलते हैं – यानी खरीदार ज़्यादा और तेज़.
दूसरा, RBI ने कुछ डिजिटल पेमेंट एंटिटी पर नई फीस लागू करने की घोषणा की। इसका असर आपके मोबाइल वॉलेट या यूपीआई ट्रांज़ैक्शन स्लिप में दिखेगा. अब जब भी आप 1000 रुपये से कम भुगतान करेंगे तो एक छोटी सी सर्विस चार्ज जुड़ सकती है.
इन दोनों खबरों को समझने के लिए अपनी सिटी स्लिप पर ध्यान दें: अगर कोई बड़े ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म ने अचानक बड़ी खरीदारी की, तो यह संभावित मार्केट मूवमेंट का संकेत हो सकता है. वहीं नई फीस का असर आपके खर्चे में थोड़ा बढ़ोतरी दिखाएगा.
स्लिप को सुरक्षित रखना भी जरूरी है. डिजिटल रूप में क्लाउड या ई‑मेल पर सेव करें और फिज़िकल कॉपी को दो साल तक रखिए, खासकर टैक्स रिटर्न भरने के लिए. अगर किसी त्रुटि का पता चले तो तुरंत बैंक/ब्रोकर से संपर्क करें; समय रहते शिकायत करने से आपके पैसे की सुरक्षा बनी रहती है.
अंत में याद रखें – सिटी स्लिप आपका वित्तीय रिकॉर्ड है, और इसे पढ़ना सीखना आपको आर्थिक रूप से समझदार बनाता है. हर लेन‑देन के बाद एक बार जल्दी-से जाँच लें; यह आदत भविष्य में बड़े झंझटों को बचा सकती है.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जून 2024 में होने वाले यूजीसी नेट के लिए सिटी स्लिप जारी कर दी है। उम्मीदवार ugcnet.nta.ac.in पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा 18 जून 2024 को आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा 83 विषयों को कवर करेगी और देशभर के विभिन्न केंद्रों पर होगी। परीक्षा का प्रारूप और मार्किंग स्कीम बेहद महत्वपूर्ण है।
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