क्रिकेट में "शतक" शब्द सुनते ही दिमाग़ में एक खिलाड़ी के 100 रन बनाने की बड़ी खुशी आती है। ये सिर्फ अंक नहीं, बल्कि टीम जीत की आशा और दर्शकों का जोश बढ़ाता है। इस पेज पर हम उन शतकों को देखेंगे जो हाल ही में समाचारों में छाए रहे, साथ ही यह भी बताएँगे कि कैसे कोई बल्लेबाज़ अपने आप को 100 रनों तक ले जाता है।
सबसे ध्यान देने योग्य शतक जॉश इंग्लिस का था, जिसने ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में शानदार 100 रन बनाए। उस दिन उनका रिटर्न सिर्फ स्कोर नहीं, बल्कि टीम की बड़ी जीत की नींव बना। उन्होंने लगातार चौके और छक्के मारते हुए गेंदबाज़ों को उलझा दिया और अंत में 165 का साझेदारी बनाकर इंग्लैंड को जीत दिलाई।
दूसरी ओर हेरि ब्रुक ने भी शतक लगाते ही मैच की दिशा बदल दी। उन्होंने दूसरे टेस्ट में 100 रनों का शतक मारते हुए भारत को तेज़ी से आगे बढ़ाया। उनका आक्रामक खेल, तेज़ रनिंग और सटीक शॉट चयन दर्शकों को झूमते रहने पर मजबूर कर दिया। इस शतक ने न केवल टीम की स्थिति सुधारी बल्कि उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड में भी नया अध्याय जोड़ा।
इन दो बड़े नामों के अलावा कई छोटे लेकिन प्रभावशाली शतकों का उल्लेख करना जरूरी है, जैसे कि ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड में जॉश इंग्लिस का "शतक" जिसने टीम को 5 विकेट से जीत दिलाई और कुछ घरेलू मैचों में युवा बल्लेबाज़ों ने भी पहली बार 100 रनों की उपलब्धि हासिल की। इन सब कहानियों में एक चीज़ समान है – दबाव के बीच फोकस बनाए रखना।
अगर आप भी अपने खेल में शतकों की लकीर जोड़ना चाहते हैं तो कुछ आसान कदम मदद करेंगे:
इन टिप्स को अपनाते हुए आप भी अगले मैच में अपना पहला या दूसरा शतक बना सकते हैं। याद रखें, हर बड़ा शतक छोटे-छोटे प्रयासों और निरंतर अभ्यास का परिणाम होता है। इसलिए रोज़ाना प्रैक्टिस करें, अपने कमजोरियों पर काम करें और मैदान पर हमेशा सकारात्मक रहें।
भूले नहीं कि शतक सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि टीम के जीत की दिशा भी तय करता है। जब आप 100 रनों तक पहुँचते हैं तो दर्शकों का उत्साह बढ़ता है और विरोधी टीम में दबाव बनता है। यही कारण है कि हर क्रिकेट प्रशंसक इस पलों को बेताबियों से देखता है। आगे भी हम ऐसे ही रोचक शतकों की खबरें लेकर आते रहेंगे, इसलिए हमारी साइट पर बने रहें और अपडेटेड रहें।
डुलेप ट्रॉफी में इशान किशन ने शानदार शतक जड़कर अपने खेल का दमखम दिखाया। भारत C की ओर से खेलते हुए किशन ने सिर्फ 121 गेंदों पर शतक बनाया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का नतीजा है। उनके इस प्रदर्शन ने घरेलू क्रिकेट के महत्व को फिर से उजागर किया, खासकर राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावनाओं को देखते हुए।
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