आपके पसंदीदा धावकों का हाल‑चलन जानना अब आसान हो गया है। ओलम्पिक में भारत और विदेश के धावक किस तरह से परफ़ॉर्म कर रहे हैं, कौन‑से रिकॉर्ड टूटे हैं और अगली बार क्या उम्मीद रखनी चाहिए – सब कुछ यहाँ मिलेगा।
पिछले हफ्ते बीते टोक्यो ओलम्पिक में 100 मीटर पुरुषों की फाइनल में भारत के हिमांशु रैना ने 10.04 सेकंड से अपनी निजी सर्वश्रेष्ठ समय बनाया। यह समय अभी तक क्वालिफ़ाई मानक से थोड़ा कम है, पर दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था। महिलाएँ भी काबिल‑ए‑ध्यान रही – हिमा दास ने 400 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 50.85 सेकंड की शानदार दौड़ लगाई।
दूसरे ओलम्पिक, पेरिस 2024 में भारतीय मैराथन धावक सुजीत कुमार ने 42 किमी को 2 घंटे 10 मिनट में पूरा किया, जिससे भारत का इतिहास नया बना। यूरोप के कई बड़े दौड़ाकों ने भी इस रिकॉर्ड को चुनौती दी लेकिन सुजीत की पेसिंग अभी तक सबसे स्थिर रही।
अगर आप अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग देखना चाहते हैं तो World Athletics साइट पर हर हफ्ते अपडेट मिलते हैं। भारत के धावक अब टॉप‑10 में लगातार जगह बना रहे हैं, खासकर 800 मीटर और 1500 मीटर इवेंट्स में.
अगले ओलम्पिक के लिए धावकों को कौन‑सी चीज़ें अपनानी चाहिए? सबसे पहले, प्रशिक्षण में वैरिएशन बहुत जरूरी है। सिर्फ ट्रैक पर दोहराने से मसल थकान बढ़ती है, इसलिए सत्रा (स्ट्रेचिंग), जॉगिंग और हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) को मिलाकर रूटीन बनाएं।
पोषण भी खेल में बड़ा रोल निभाता है। प्रोफेशनल एथलीट्स आमतौर पर प्रोटीन‑रिच डाइट लेते हैं – दाल, अंडे और मौसमी सब्ज़ियाँ उनके मेन्यू में रहती हैं। पानी का सेवन न भूलें; हाइड्रेशन स्तर कम होने से प्रदर्शन घटता है.
धावकों को मानसिक तैयारी के लिए विज़ुअलाइज़ेशन तकनीक अपनानी चाहिए। कई ओलम्पिक धावक रोज़ अपने जीत की फ़िल्म देख कर मस्तिष्क में रेस का सीन बनाते हैं, जिससे तनाव कम होता है और फोकस बढ़ता है.
अगर आप एक आम शौकिया धावक हैं और ओलम्पिक को करीब से फॉलो करना चाहते हैं, तो यूट्यूब चैनलों पर ‘ओलम्पिक लाइव’ प्लेलिस्ट जोड़ें। साथ ही, हमारे साइट iipt.co.in पर रियल‑टाइम अपडेट मिलते हैं – हर फ़िनिश लाइन का टाइम, रेफ़री की टिप्पणी और विश्लेषकों के छोटे-छोटे पॉइंट्स.
अंत में एक बात याद रखें: धावक बनना सिर्फ दौड़ने से नहीं, बल्कि निरंतर सीखने और सुधारने से है। चाहे आप प्रोफेशनल हों या शुरुआती, सही जानकारी और अभ्यास से ओलम्पिक की मंज़िल आपके कदमों के नीचे होगी.
उगांडा की ओलंपिक धावक रेबेका चेप्टेगी की दुखद मृत्यु एक जमीन विवाद के बाद हुई लड़ाई में पेट्रोल से जलाए जाने के बाद हो गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना केन्या के ट्रांस नज़ोइया में हुई। 33 साल की रेबेका ने 2024 पैरिस ओलंपिक में उगांडा का प्रतिनिधित्व किया था।
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