जब कोई राष्ट्रीय शोक या विशेष सम्मान का समय आता है तो हम अक्सर देखते हैं कि ध्वज नीचे गिराया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि एक क़ानूनी प्रक्रिया भी है? इस लेख में हम सरल शब्दों में बतायेंगे कि झंडा कब और क्यों झुका जाता है, किन नियमों का पालन करना जरूरी है और हालिया खबरें कैसे इस पर असर डालती हैं।
मुख्य कारण तीन प्रकार के होते हैं: शोक, सम्मान, और सुरक्षा।
हाल ही में कई शहरों ने जलवायु परिवर्तन से जुड़ी विरोध प्रदर्शन के दौरान झंडा नीचे किया था। यह दिखाता है कि जनता भी कभी‑कभी इस प्रतीक को सामाजिक संदेश देने के साधन के तौर पर इस्तेमाल करती है।
भारत में फ़्लैग कोड ऑफ़ इन्डिया नाम का एक दस्तावेज़ है, जो ध्वज से जुड़ी हर चीज़ तय करता है। नीचे कुछ आसान‑से‑समझाने वाले बिंदु हैं:
यदि आप स्कूल, ऑफिस या घर में ध्वज झुका रहे हैं, तो ऊपर दिए गए बिंदुओं को याद रखें—सिर्फ नियम नहीं, बल्कि सम्मान की बात भी है।
एक और आसान टिप: अगर आपको पता नहीं कि कब उठाना चाहिए, तो स्थानीय प्रशासन या सरकारी वेबसाइट पर आज़माए हुए समय‑तालिका देख लें। अक्सर वे इस जानकारी को अपडेट रखते हैं।
झंडा झुकाने की प्रक्रिया को समझना सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय भावना का हिस्सा है। जब आप सही तरीके से ध्वज नीचे करते हैं, तो आप अनजाने में अपने देश के इतिहास और संस्कृति को सम्मानित कर रहे होते हैं। अब अगली बार जब किसी कारण से ध्वज नीचे हो, तो आप जानते हैं कि क्यों और कैसे करना चाहिए।
पीएम ट्रंप ने पोप फ्रांसिस के निधन पर अमेरिकी झंडा आधा झुकाने का आदेश दिया और अंतिम संस्कार में मेलानिया ट्रंप के साथ शामिल होंगे। ट्रंप के ऐलान की भाषा पर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई है, वहीं वेटिकन सरल संस्कार की तैयारी में है। दुनियाभर के नेताओं की मौजूदगी तय मानी जा रही है।
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