जब आप मतदान केंद्र में पहुँचते हैं तो जो छोटा डिवाइस देखेंगे, वही ईवीएम है। यह इलेक्ट्रॉनिक तरीका पुराने कागज़ के मतपत्र को बदलता है। बस बटन दबाते‑बढ़ाते आप अपना पसंदीदा उम्मीदवार चुनते हैं और मशीन आपका वोट सुरक्षित रखती है.
हर ईवीएम में दो मुख्य भाग होते हैं – कंट्रोल यूनिट (CU) और बैकिंग यूनिट (BU). CU आपके वोट को रिकॉर्ड करती है, जबकि BU उन डेटा को सुरक्षित रूप से स्टोर करती है. चुनाव के दिन दोनों युनिट्स को एक दूसरे से अलग रख दिया जाता है ताकि कोई छेड़छाड़ न कर सके.
वोटर अपने नाम की सूची में अपना नाम देखता है, फिर उम्मीदवार के सामने वाले बटन को दबाता है। मशीन तुरंत LED लाइट जलाकर बताती है कि वोट दर्ज हो गया. इस प्रक्रिया में कागज़ या इंक नहीं लगते, इसलिए गड़बड़ी की संभावना कम रहती है.
सबसे बड़ा फायदा है तेज़ी से परिणाम निकालना। कागज़ मतपत्र को गिनने में घंटे‑दिन लग सकते हैं, पर ईवीएम से कुछ ही मिनटों में सभी वोटों की गणना हो जाती है. साथ ही नकली मतपत्र या हाथ‑बंदोबस्त का खतरा भी घट जाता है.
कुछ लोग कहते हैं कि मशीनें हैक हो सकती हैं। लेकिन भारत ने कई बार सुरक्षा टेस्ट करवा रखी है – एन्क्रिप्शन, दो‑परत सुरक्षा और रैंडमाइज्ड सीड. हर चुनाव से पहले स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा तकनीकी जांच करवाई जाती है.
ईवीएम को सही इस्तेमाल करने के लिए वोटर को बस मशीन पर भरोसा रखना होता है. अगर आप पहली बार प्रयोग कर रहे हैं तो मतदान बूथ में उपलब्ध निर्देश पढ़ें, और कोई भी समस्या दिखे तो तुरंत अधिकारी को बताएं.
भविष्य की बात करें तो भारत ने ईवीएम के साथ-साथ VVPAT (वोटर वेरिफ़िकेशन पेपर ऑडिट ट्रेल) भी लागू किया है. यह एक छोटा कागज़ का रसीदा निकालता है जो वोटर को दिखाता है कि उनका चयन सही रिकॉर्ड हुआ या नहीं. इस से पारदर्शिता बढ़ती है और चुनावों में भरोसा कायम रहता है.
आपको अब ईवीएम के बारे में बुनियादी जानकारी मिल गई होगी. अगली बार जब आप मतदान केंद्र पर पहुंचें, तो यह समझ कर जाएँ कि ये छोटा डिवाइस आपका लोकतंत्र मजबूत करने में कैसे मदद करता है. अगर आपके पास और सवाल हैं, तो अपनी स्थानीय चुनाव समिति या हमारी साइट पर लिखें.
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने महाराष्ट्र में चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है, जिसके पीछे कानूनी और प्रशासनिक मुद्दे बताए जा रहे हैं। आयोग मार्च 13 तक विभिन्न राज्यों का चुनावी मूल्यांकन कर रहा है और आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए राज्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर रहा है।
©2025 iipt.co.in. सर्वाधिकार सुरक्षित