डोपिंग का मतलब होता है एथलीट द्वारा परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित दवाओं या तरीकों का इस्तेमाल. ये सिर्फ खेल नहीं, बल्कि खिलाड़ी की सेहत को भी ख़तरे में डालते हैं. इसलिए एंटी‑डोपिंग एजेंसियां लगातार जांच करती हैं और नियमों को कड़ा बनाती हैं.
प्रत्येक खेल संघ ने अपनी डॉपिंग सूची तैयार कर रखी है. जब कोई खिलाड़ी टेस्ट करता है, तो उसके खून, पेशाब या बालों का नमूना ले लिया जाता है. लैब में ये नमूने विश्लेषित होते हैं और अगर प्रतिबंधित पदार्थ मिलता है तो तुरंत रिपोर्ट जारी होती है. इस प्रक्रिया में अक्सर दो‑तीन हफ्ते लगते हैं, लेकिन त्वरित जांच भी हो सकती है.
पिछले साल कई बड़े नामों पर डोपिंग के आरोप लगे. उदाहरण के तौर पर कुछ क्रिकेटरों को टेस्ट में बैन किया गया, जिससे उनकी टीम की रणनीति बदलनी पड़ी. इसी तरह, एथलेटिक्स में भी कई धावकों को दो साल तक खेलने से रोका गया. इन केसों ने न सिर्फ खिलाड़ियों की करियर को प्रभावित किया बल्कि फैंस के भरोसे को भी चोट पहुँचाई.
डोपिंग केसों का असर केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं रहता, यह पूरे खेल उद्योग को बदल देता है. स्पॉन्सरशिप कम हो जाती है, टीवी राइट्स की कीमत घटती है और युवा एथलीटों में गलत आदतें पनप सकती हैं. इसलिए एंटी‑डोपिंग एजेंसियां शिक्षा प्रोग्राम भी चलाती हैं, ताकि खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही सही दिशा मिल सके.
अगर आप किसी खिलाड़ी के डोपिंग केस की खबर पढ़ रहे हैं तो यह याद रखें कि हर रिपोर्ट का पूरा विवरण देखना ज़रूरी है. कभी‑कभी सज़ा में छूट या अपील भी हो सकती है, जिससे मामला बदल सकता है. इसलिए सिर्फ हेडलाइन नहीं, पूरी कहानी समझने से ही सही राय बनती है.
डोपिंग को रोकने के लिए फैंस का सहयोग भी अहम है. अगर आप मैच देख रहे हैं और कोई अजीब प्रदर्शन नोटिस करते हैं तो सोशल मीडिया या आधिकारिक वेबसाइट पर रिपोर्ट कर सकते हैं. यह छोटा कदम बड़े बदलाव की ओर ले जा सकता है.
अंत में, खेल को साफ रखने के लिए हमें सभी का एक साथ काम करना होगा – खिलाड़ी, कोच, संघ और दर्शक सबको मिलकर दुरुपयोग को रोकना चाहिए. यही तरीका है असली जीत का, चाहे वह ट्रॉफी हो या भरोसा.
सिमोना हालेप ने इग स्विएंटेक के डोपिंग मामले के प्रबंधन को लेकर नाराज़गी जताई है। हालेप को डोपिंग के लिए चार साल का प्रतिबंध मिला था, जबकि इग स्विएंटेक को केवल एक महीने का निलंबन। हालेप का कहना है कि उनके मामले में शायद ITIA की उन्हें लेकर खराब मंशा थी। उन्होंने निष्पक्ष एंटी-डोपिंग सिस्टम की मांग की।
©2025 iipt.co.in. सर्वाधिकार सुरक्षित