क्या आप भी कल या अगले कुछ दिनों में तेज़ बारिश की तैयारी कर रहे हैं? पिछले हफ्ते कई शहरों में अचानक जलस्तर बढ़ गया था और लोग परेशान थे। अब वही डर नहीं रहना चाहिए, अगर हम सही समय पर मौसम का अंदाज़ा जान लें तो नुकसान कम किया जा सकता है। यहाँ हम आसान भाषा में बताएँगे कि कब‑कब भारी बारिश की संभावना है और क्या कदम उठाएँ।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस महीने का मध्य भाग भारत के उत्तर-पूर्वी हिस्से में सबसे ज्यादा वर्षा लाएगा। विशेष रूप से असम, झारखंड और ओडिशा में अगले 72 घंटों में 50 mm से अधिक बारिश की संभावना है। पश्चिमी घाट के कुछ भागों – जैसे कोलकाता, पुणे और चेन्नई – भी तेज़ बूंदाबांदी देखेंगे। यदि आप इन क्षेत्रों में रहते हैं तो स्थानीय समाचार या IMD ऐप पर अपडेट देखते रहें; वे अक्सर हर छह घंटे में चेतावनी भेजते हैं।
बारिश आने से पहले कुछ छोटे‑छोटे काम कर लें, जिससे आप और आपका परिवार सुरक्षित रहेंगे:
1. घर की निचली मंज़िल पर रखी चीज़ें उठाकर ऊँची जगह पर रखें।
2. अगर पानी जमा हो रहा है तो पंप या बैकवॉटर टैंक को साफ़ करें, ताकि जलस्तर अचानक बढ़ने से बचा जा सके।
3. ड्रेनेज सिस्टम में कोई blockage न हों; गंदगी हटाकर पाइप साफ़ रखें।
4. मौसमी चेतावनी सुनें और यदि स्थानीय अधिकारी निकासी या शरणार्थी केंद्र खोलते हैं तो तुरंत जाएँ।
जब बाहर जलभराव हो, तो तेज़ बहती नदियों में पैर नहीं डालें – एक छोटी सी लहर भी खतरनाक हो सकती है। अपने मोबाइल को पूरी चार्ज रखिए और बैकअप पावर के लिए पॉवर बैंक रखें, क्योंकि बिजली कटौती आम होती है।
अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो रूट बदलने पर विचार करें। कई बार सड़कें जलजमाव या गिरते पेड़ों से बंद हो जाती हैं। गूगल मैप्स या स्थानीय पुलिस रिपोर्ट पर नजर रखें; वे अक्सर ट्रैफ़िक जाम की जानकारी देते हैं।
भारी वर्षा के दौरान मन को शांत रखना भी ज़रूरी है। थोड़ा संगीत सुनें, किताब पढ़ें या परिवार के साथ समय बिताएँ। इससे तनाव कम होगा और आप बेहतर निर्णय ले पाएँगे। याद रखें, तैयारी ही बचाव है – थोड़ी सी सावधानी बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
यदि आपको इस मौसम में विशेष मदद चाहिए तो स्थानीय हेल्पलाइन नंबर (100 या 112) पर कॉल करें। वे तुरंत सहायता और जानकारी देंगे। आप भी अपने पड़ोसियों को चेतावनी भेजकर सामुदायिक सुरक्षा बढ़ा सकते हैं। यह छोटे‑छोटे कदम मिलकर बड़ी राहत बनाते हैं।
पुणे में लगातार हो रही भयंकर बारिश ने तबाही मचा दी है, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में कई घर और आवासीय क्षेत्र पानी में डूब गए हैं। मुंबई ने जुलाई में दूसरी सबसे ज़्यादा बारिश दर्ज की है। महाराष्ट्र के रायगढ़ और पालघर जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है, और पूरे राज्य में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं।
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