जब कोई हादसा या प्राकृतिक आपदा होती है, तो अक्सर हमारी पहली प्रतिक्रिया घबराहट होती है। लेकिन अगर हम सही कदम जानते हों, तो जान बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इस लेख में हम सरल भाषा में बताएँगे कि बचाव कार्य के दौरान क्या करना चाहिए, कौन‑से उपकरण काम आते हैं और आम लोग कैसे मदद कर सकते हैं।
किसी भी आपदा का सामना तभी आसान होता है जब हम पहले से तैयार हों। घर में प्राथमिक उपचार किट, टॉर्च, बैटरी‑चलित रेडियो और कुछ बुनियादी खाद्य सामग्री रखें। यदि आपके पास मोबाइल फोन है तो उसे हमेशा चार्ज रखिए और एक आपातकालीन संपर्क सूची बनाकर अपने फ़ोन में सेव कर लें। ये छोटी‑छोटी तैयारियाँ बाद में बड़ी मदद करती हैं।
स्थानीय बचाव संस्थाओं की संपर्क नंबर भी नोट कर रखें—जैसे कि मुम्बई में 112, दिल्ली में 100 या आपके राज्य का डिसास्टर मैनेजमेंट हेल्पलाइन। आपातकाल में इन नंबर्स को डायल करके तुरंत मदद बुला सकते हैं।
भूकंप: गिरते हुए वस्तुओं से खुद को बचाएँ, दरवाज़े‑खिड़कियों से दूर रहें, यदि आप अंदर हैं तो टेबल या मजबूत फर्नीचर के नीचे झुकें। बाहर हों तो खुले स्थान पर जाएँ और इमारतों से दूरी बनाए रखें।
बाढ़: पानी में तेज़ बहाव न करें, ऊँची जगह पर चले जाएँ और जितना संभव हो सच्चाई (सैन्डल) या रबर बूट पहनें। यदि आप फंसे हों तो दो‑तीन मीटर दूरी तक शोर मारते रहें; बचाव दल आपके आवाज़ को सुन कर जल्दी पहुंचता है।
आग: धुआँ से आँखें बंद न रखें, गले में कपड़ा या रुमाल लपेटकर साँस लेने की कोशिश करें। दरवाज़ा खोलते समय धीरे‑धीरे देखें कि कहीं आग नहीं लगी हो; यदि जल रहा कमरा है तो नीचे फर्श पर घिसी हुई चादर रख कर स्लाइड करके बाहर निकलें।
हैज़र्ड या ट्रैफ़िक दुर्घटना: पहले खुद को सुरक्षित रखें, फिर जख्मी व्यक्तियों की स्थिति देखें। अगर रक्त बह रहा हो तो साफ कपड़ा से दबाव डालें और तुरंत 112 पर कॉल करें। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश न करें—बचाव दल ही इसे बेहतर ढंग से करेगा।
उदाहरण के तौर पर, मुम्बई कर्ला में हुए बस दुर्घटना में कई लोग घायल हो गए थे। स्थानीय बचाव टीम ने जल्दी‑जल्दी एम्बुलेंस भेजी और जख्मी लोगों को निकाला। ऐसी घटनाओं में आप भी मदद कर सकते हैं—जैसे कि ट्रैफ़िक को नियंत्रित करना या पीड़ितों के पास से पानी देना, बशर्ते यह आपके लिए सुरक्षित हो।
बचाव कार्य का सबसे बड़ा सिद्धांत है "पहले खुद की सुरक्षा"। अगर आप नहीं बच पाएँगे तो दूसरों की मदद भी नहीं कर सकते। इसलिए हमेशा अपने कदम सोच‑समझकर उठाएँ और आवश्यक उपकरणों का उपयोग करें।
अंत में याद रखें, बचाव सिर्फ पेशेवरों का काम नहीं है; आम लोग छोटे‑छोटे उपायों से बड़ी अंतर ला सकते हैं। जब आप सही जानकारी और तैयारी के साथ हों, तो किसी भी आपदा का सामना आसान हो जाता है।
केरल के वायनाड जिले में हुई भारी बारिश ने बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड को उत्पन्न किया, जिससे भारी तबाही और जान-माल का नुकसान हुआ है। अब तक 24 लोगों के मरने की खबर है और कई लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। सेना और एनडीआरएफ टीम बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। राज्य सरकार स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और राहत शिविर लगाए गए हैं।
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