आजकल हर दिन नई टेक खबर आती रहती है। चाहे बड़े कॉरपोरेशन हों या छोटे स्टार्टअप, सबका असर हमारे रोज़मर्रा के जीवन में दिखता है। इस पेज पर हम आईटी कंपनियों की ताज़ा ख़बरें, उनके कदम‑कदम पर नजर और आने वाले सालों की संभावनाएँ सीधे आपके सामने लाते हैं। पढ़ते रहिए, समझते रहिए और अपने करियर या निवेश को सही दिशा दें।
पिछले कुछ महीनों में कई बड़ी कंपनियों ने क्लाउड, AI और डेटा एनालिटिक्स पर भारी निवेश किया है। इन्फोसिस ने अपने नए फ़ैक्ट्री में एआई‑बेस्ड सॉल्यूशन बनाकर विदेशों के बड़े ग्राहकों को आकर्षित किया, जबकि टीसीएस ने यूज़र‑फ्रेंडली क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च कर छोटे‑मध्यम व्यवसायों को डिजिटल बनाने में मदद की। इन कदमों से न सिर्फ कंपनी की रिवेन्यू बढ़ी बल्कि भारत की टेक इकोसिस्टम भी मज़बूत हुई।
स्टार्टअप सीन भी कम नहीं रहा। पिछले हफ्ते एक हेल्थ‑टेक स्टार्टअप ने 200 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल कर टेलीमेडिसिन को ग्रामीण इलाकों में लाने का वादा किया। इसी तरह, फ़ाइनेंशियल टेक क्षेत्र में नई प्लेटफ़ॉर्म्स उभर रही हैं जो एआई के ज़रिए क्रेडिट स्कोरिंग को तेज़ और भरोसेमंद बनाती हैं। सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल ने इन कंपनियों को आसान लाइसेंस, टैक्स रिवॉर्ड और ग्रांट्स देकर साइड में धक्का दिया है।
आगे देखें तो क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर‑सेक्योरिटी सबसे बड़े अवसर बनेंगे। वैश्विक कंपनियां अब भारत के टैलेंट को आउटसोर्स कर रही हैं, जिससे रोजगार में बढ़ोतरी होगी और विदेशी मुद्रा आय भी आएगी। साथ ही, 5G की रोलआउट से IoT प्रोजेक्ट्स का विस्फोट होगा—स्मार्ट सिटी, ऑटोमेटेड फैक्ट्री और एग्री‑टेक समाधान सभी के लिए जगह बन रही है।
लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। टैलेंट गैप अभी भी बड़ा मुद्दा है; कई कंपनियों को योग्य डेवलपर्स और डेटा साइंटिस्ट्स की कमी महसूस हो रही है। साथ ही, नियमों में बार‑बार बदलाव और डेटा प्राइवेसी के कड़े मानक छोटे फर्मों को दंग कर सकते हैं। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मूल्य युद्ध भी शुरू हो सकता है, जिससे मार्जिन घटेंगे। इन समस्याओं का हल पाने के लिए कंपनियों को निरंतर स्किल अपग्रेडेशन, बेहतर रिटेंशन स्ट्रैटेजी और लाइटवेट कंप्लायंस मॉडल अपनाने होंगे।
समाप्ति में कहूँ तो आईटी कंपनी की दुनिया लगातार बदलती रहती है—हर नई तकनीक एक नया मौका ले कर आती है। अगर आप इस बदलाव को समझते हैं, सही जानकारी रखते हैं और समय पर कदम उठाते हैं, तो सफलता आपके हाथों में ही होगी। इस पेज पर हम वही करते हैं: ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण और आसान समझ। बने रहिए, अपडेटेड रहिए और टेक की रफ़्तार को साथ चलिए।
आईटी कंपनी विप्रो के शेयर की कीमत 3 दिसंबर 2024 को उस दिन आधी हो गई, जब यह 1:1 बोनस इश्यू के कारण एक्स-डेट ट्रेडिंग पर आ गई। इस बदलाव का मतलब हर शेयरहोल्डर को एक शेयर पर एक बोनस शेयर मिलना है। यह कदम शेयरधारकों के प्रति आभार व्यक्त करने और शेयर की तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
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