IPL के प्रशंसकों को अक्सर सवाल रहता है कि खिलाड़ी टीमों में कैसे आते हैं. असल में दो मुख्य तरीके होते हैं: रिटेनशन और ऑक्शन. रिटेनमेंट में टीम पिछले सीज़न के कुछ खिलाड़ियों को रखती है, जबकि ऑक्शन में सभी बाकी खिलाड़ी बिड लगाते हैं.
सीजन शुरू होने से पहले हर फ्रेंचाइजी को एक सीमित बजट दिया जाता है. इस बजट का कुछ हिस्सा रिटेन किए गए खिलाड़ियों पर खर्च किया जा सकता है. टीम मैनेजर्स अक्सर अपने स्टार प्लेयर, कप्तान या युवा उभरते हुए खिलाड़ी चुनते हैं ताकि टीम की संतुलन बना रहे.
ऑक्शन में सभी अनरिटेंड खिलाड़ियों को एक बेसिक रेज़र्व मूल्य दिया जाता है. फिर मैनेजर्स इस कीमत से ऊपर-बाहर बोलते हैं. सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली टीम को खिलाड़ी मिलता है. यहाँ दो चीज़ें खास तौर पर ध्यान रखें: 1) बजट का सही प्रबंधन, ताकि आप कई अच्छे खिलाड़ियों को न खो दें; 2) खिलाड़ी की फॉर्म और फिटनेस देखें, क्योंकि सिर्फ नाम से नहीं.
ऑक्शन के दिन अक्सर तेज़ी से बोली बढ़ती है. अगर कोई खिलाड़ी बहुत लोकप्रिय हो तो कीमत जल्दी ही आसमान छू सकती है. इसलिए कुछ टीमें पहले कम बजट में कई मध्यम स्तर के खिलाड़ियों को पकड़ने की कोशिश करती हैं, जबकि अन्य बड़ी सितारा पर फोकस रखती हैं.
एक और बात जो अक्सर चूक जाती है, वो है “उपलब्धता” या “इंजरी लिस्ट”. यदि कोई खिलाड़ी पिछले सीज़न में चोटिल रहा हो तो उसकी कीमत कम हो सकती है, लेकिन टीम को रिस्क भी लेना पड़ सकता है. इसलिए बिड लगाते समय मेडिकल रिपोर्ट देखना ज़रूरी है.
ऑक्शन के बाद एक छोटा “ड्राफ्ट” सत्र होता है जहाँ टीमें शेष बजट का उपयोग करके उभरते हुए टैलेंट या विदेशी खिलाड़ी चुन सकती हैं. ये अक्सर कम कीमत पर आते हैं, लेकिन अगर सही मौका मिल जाए तो बड़े असर डाल सकते हैं.
अब बात करते हैं टीम की रणनीति की. एक सफल टीम को बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग में संतुलन चाहिए. अगर आप बहुत सारे पॉवरहिटर्स चुनते हैं पर गेंदबाज़ी कमजोर रहे, तो मैच जीतना मुश्किल हो सकता है. इसलिए मैनेजर्स अक्सर दो मजबूत ऑलराउंडर की तलाश में रहते हैं.
आईपियो आवंटन के दौरान सोशल मीडिया भी बड़ा रोल निभाता है. फैंस की राय और खिलाड़ियों की लोकप्रियता बोली को प्रभावित कर सकती है. लेकिन अंत में यह टीम का निर्णय होता है, कि कौन सा खिलाड़ी उनके प्लान में फिट बैठता है.
समापन में याद रखें: बिड प्रक्रिया सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि समझदारी भी चाहिए. बजट को सही तरीके से बांटना, खिलाड़ियों की फॉर्म देखना और टीम के संतुलन पर ध्यान देना ही आपको IPL 2025 में जीत का मौका देगा.
साई लाइफ साइंसेज का आईपीओ आवंटन सोमवार, 16 दिसंबर 2024 को फाइनल होने की उम्मीद है। आईपीओ को निवेशकों से 10.26 गुना की सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुई है। निवेशक बीएसई, एनएसई या केफिन टेक्नोलॉजीज की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवंटन स्थिति की जांच कर सकते हैं। सूचीबद्धता 18 दिसंबर 2024 को हो सकती है, वहीं अनलिस्टेड शेयरों में 11% का ग्रे मार्केट प्रीमियम देखा जा रहा है।
पीएन गाडगिल ज्वेलर्स लिमिटेड के शुरुआती सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) के शेयर आवंटन की पुष्टि 13 सितंबर, 2024 को होने की उम्मीद है। आईपीओ ने निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त की है, और आवंटन की स्थिति बीएसई, एनएसई, और बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की वेबसाइटों पर ऑनलाइन जांची जा सकती है। यह लेख आपको आवंटन स्थिति ऑनलाइन जांचने के चरणों के बारे में बताएगा।
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