अगर आप आईटी सेक्टर के फैन हैं या शेयर मार्केट में रुचि रखते हैं, तो विप्रो का नाम सुनते ही दिमाग में कई सवाल आते हैं – कंपनी ने इस क्वार्टर में कितना कमाया? नई कॉन्ट्रैक्ट्स क्या मिले? स्टॉक की कीमतें कैसे चल रही हैं? यहाँ पर हम इन सब बातों को सीधे-सीधे समझाते हैं, बिना जटिल शब्दों के.
पिछले महीने जारी किए गए क्वार्टरली रिपोर्ट में विप्रो ने 6.8% राजस्व वृद्धि दिखायी। यह बढ़ोतरी मुख्य तौर पर क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स से आई है। नेट प्रोफिट भी लगभग 4.5 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर है। इस दौरान कंपनी ने यूरोप के बड़े बैंकों को नई सॉल्यूशन दी, जिससे कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू बढ़ी।
स्टॉक मार्केट पर इसका असर साफ़ दिखा – बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंजों में विप्रो का शेयर 3% तक ऊपर गया। निवेशकों ने इस परिणाम को सकारात्मक माना क्योंकि कंपनी की लागत घटाने की पहल भी रिपोर्ट में दर्शायी गई थी। अगर आप अभी शेयर खरीदने का सोच रहे हैं, तो इन आंकड़ों को ध्यान में रखकर निर्णय ले सकते हैं.
आगे देखते हुए विप्रो ने कई नई पहलें घोषित की हैं. क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान और साइबर सुरक्षा सेवाओं में निवेश बढ़ाने की बात कही गई है। साथ ही, कंपनी ने 2025 तक भारत में 10,000 नए जॉब्स बनाने की योजना भी शेयरहोल्डर्स को बतायी।
पर चुनौतियों का नाम लेना जरूरी है – वैश्विक आर्थिक मंदी, टेक्नॉलॉजी में तेज़ प्रतिस्पर्धा और कस्टमर बजट कटौती कंपनी के लिए जोखिम बन सकते हैं. इनका सामना करने के लिये विप्रो ने लागत नियंत्रण, ऑटोमेशन और रिमोट वर्क मॉडल अपनाया है। अगर ये कदम सही रहेंगे तो कंपनी की ग्रोथ स्थिर रहेगी.
तो कुल मिलाकर क्या कहना चाहिए? यदि आप आईटी सेक्टर में निवेश या करियर बनाना चाहते हैं, तो विप्रो अभी एक भरोसेमंद विकल्प लगता है. लेकिन किसी भी निर्णय से पहले हमेशा अपना रिसर्च करें और मार्केट की चाल पर नज़र रखें।
आईटी कंपनी विप्रो के शेयर की कीमत 3 दिसंबर 2024 को उस दिन आधी हो गई, जब यह 1:1 बोनस इश्यू के कारण एक्स-डेट ट्रेडिंग पर आ गई। इस बदलाव का मतलब हर शेयरहोल्डर को एक शेयर पर एक बोनस शेयर मिलना है। यह कदम शेयरधारकों के प्रति आभार व्यक्त करने और शेयर की तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
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