जब हम किसी टेस्ट या बोर्ड एग्जाम की बात करते हैं तो अक्सर ‘उत्थरित प्रतिशत’ सुनते हैं। ये दरअसल यह बताता है कि कुल अंक में से कितने प्रतिशत आपको पास मान्य होते हैं। हर बोर्ड, कॉलेज या प्रतियोगिता का अपना न्यूनतम मानक होता है, इसलिए इस प्रतिशत को समझना बहुत जरूरी है।
अगर आप नहीं जानते कि आपका वर्तमान स्कोर कितना है और वह पास सीमा से ऊपर है या नीचे, तो परीक्षा के बाद भी आप अनिश्चित रहेंगे। यही कारण है कि पहले ही चरण में इस प्रतिशत की सही गणना करना फायदेमंद रहता है।
गणना बहुत आसान है: (आपके कुल अंक ÷ अधिकतम संभव अंक) × 100. उदाहरण के तौर पर, यदि आपके पास 450 में से 320 अंक हैं तो आपका स्कोर (320/450)*100 = 71.11% होगा। अब अगर बोर्ड का उत्तीर्ण मानक 33% है, तो आप साफ़ जीत रहे हैं। लेकिन कुछ प्रतियोगिताओं में न्यूनतम सीमा 40 या 45 प्रतिशत तक हो सकती है, इसलिए हमेशा अपने बोर्ड के आधिकारिक सूचना देखें।
एक और बात ध्यान में रखें – कई बार बोर्ड ‘वेटेड ग्रेड’ का इस्तेमाल करता है जहाँ अलग-अलग विषयों को अलग वजन दिया जाता है। ऐसे मामलों में सिर्फ कुल अंक नहीं, बल्कि प्रत्येक विषय के वज़न को भी देखना पड़ेगा। अगर आप इस गणना को खुद नहीं करना चाहते तो ऑनलाइन कैलकुलेटर या स्कूल की वेबसाइट पर उपलब्ध टूल मदद कर सकते हैं।
अब जब आपने अपना प्रतिशत पता लगा लिया, अगला सवाल है ‘कैसे बेहतर बनें?’ सबसे पहले अपने कमजोर विषयों की पहचान करें। पिछले साल के पेपर या मॉक टेस्ट देखें और देखिए कि किस सेक्शन में आप अंक खो रहे हैं। फिर उन हिस्सों पर अधिक समय दें – छोटे नोट्स बनाएं, महत्वपूर्ण सूत्र याद रखें, और रोज़ाना 30 मिनट रिवीजन रखें।
दूसरा उपाय है टाइम मैनेजमेंट। कई छात्रों को परीक्षा के दौरान समय का अभाव होता है जिससे वे सवाल छोड़ देते हैं। एक टाइम टेबल बनाकर प्रत्येक सेक्शन को निर्धारित मिनट दें और प्रैक्टिस सत्र में वही नियम लागू करें। इससे वास्तविक परीक्षा में आपका भरोसा बढ़ेगा।
तीसरा टिप है ‘रिवीजन साइकल’ अपनाना। पढ़ाई को दो-तीन बार दोहराने से दिमाग में जानकारी ठोस हो जाती है। पहले दिन नया कंटेंट, दूसरे दिन वही दोबारा पढ़ें और तीसरे दिन फास्ट रिव्यू करें। इस तरह आप बिना ज्यादा समय लगाए अधिक अंक हासिल कर सकते हैं।
अंत में, अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें। पर्याप्त नींद, हल्का व्यायाम और सही भोजन से दिमाग तेज़ चलता है। परीक्षा के एक या दो दिन पहले बहुत देर तक पढ़ना उल्टा पड़ सकता है क्योंकि थकान से सोचने की क्षमता घट जाती है।
तो अब आप जानते हैं कि उत्तीर्ण प्रतिशत क्या है, इसे कैसे निकालते हैं और स्कोर बढ़ाने के आसान तरीके कौन‑से हैं। इन टिप्स को अपनाएँ, नियमित रिवीजन करें और अपनी मेहनत को सही दिशा में लगाएँ – सफलता आपके कदम चूमेगी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 93.60% है, जो पिछले साल के परिणाम से 0.48% अधिक है। लड़कियों ने एक बार फिर 94.75% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ लड़कों को पीछे छोड़ दिया है।
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