तमिलनाडु में पिछले कुछ महीनों में कई रेल दुर्घटनाएँ सामने आई हैं। अक्सर यह खबरें स्थानीय लोगों को चौंका देती हैं और यात्रियों को घबराहट में डालती हैं। लेकिन जब हम कारणों को समझते हैं तो बचाव के उपाय भी साफ हो जाते हैं। इस लेख में मैं आपको हालिया घटनाओं, उनके पीछे की वजहों और रोज़मर्रा में अपनाए जा सकने वाले सरल सुरक्षा टिप्स बताता हूँ।
जाने के लिये सबसे पहले उन बड़े हादसों को याद करें जो समाचार में आए थे। मार्च 2024 में कर्नाटक सीमा पर एक मालगाड़ी टकरा गई, जिससे कई कार्मिक घायल हुए। फिर अप्रैल में चेन्नई से पुदुचेरी की ट्रेन में ब्रेक फेल होने की शिकायतें आईं और गति कम करने के बाद ट्रैक पर रुकना पड़ा। सबसे ताज़ा मामला जून 2024 का है जब कोडाइकनाल के पास एक लोकल ट्रेन ने ओवरस्पीड कर ली, जिससे साइड डैम्पर टूटे और यात्रियों में हल्की चोटें हुईं। इन घटनाओं की रिपोर्ट्स दर्शाती हैं कि तेज़ी, ब्रेक फेल्योर या ट्रैक रख‑रखाव की कमी प्रमुख कारण बन रही है।
इन दुर्घटनाओं से पता चलता है कि समस्या केवल एक नहीं, बल्कि कई छोटी-छोटी लापरवाहियों का जुड़ना है। कभी ट्रेन चालक को सही समय पर ब्रेक नहीं लगाना पड़ता, तो कभी सिग्नल सिस्टम में गड़बड़ी होती है, या फिर ट्रैक पर बिखरे कचरे की वजह से रडार काम नहीं करता। जब ये सब एक साथ मिलते हैं तो हादसा अनिवार्य हो जाता है।
आपको ट्रेन में सफ़र करते समय खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिये कुछ आसान कदम उठा सकते हैं। सबसे पहले, हमेशा प्लेटफ़ॉर्म पर खड़े होते वक्त किनारे से थोड़ा दूरी रखें – अगर कोई ट्रेन अचानक रुक भी जाए तो चोट लगने का खतरा कम रहेगा। दूसरे, जब दरवाज़ा खुलता दिखे तो तुरंत पीछे हटें, क्योंकि अक्सर द्रुत गति वाली ट्रेनों में दरवाज़े बंद होने में देरी होती है।
अगर आप ट्रेन के अंदर हैं और कोई अनियमित आवाज़ सुनते हैं या डिब्बों का झटका महसूस होते हैं, तो तुरंत स्टाफ को बताएं। उनका काम ही ऐसी स्थितियों पर जल्दी से कार्रवाई करना है। साथ ही, अपने सामान को ओवरहेड बिन में सही तरीके से रखें; गिरते हुए बैग चोटिल कर सकते हैं।
एक और महत्वपूर्ण बात – ट्रेन के आधी रात या देर शाम की रफ़्तार वाले समय पर यात्रा करने से बचें, खासकर अगर आप अकेले हों। कई बार ट्रैक रख‑रखाव कार्य इस दौरान किया जाता है और अचानक रुकावटों का जोखिम बढ़ जाता है। यदि संभव हो तो दिन के उजाले में सफ़र करें।
रेलवे विभाग भी कुछ कदम उठा रहा है, जैसे कि सिग्नल सिस्टम को डिजिटल बनाना और ट्रैक पर नियमित निरीक्षण करना। लेकिन जनता की भागीदारी के बिना ये बदलाव पूरी तरह काम नहीं करेंगे। इसलिए आप जब भी कोई अनियमितता देखें – जैसे टायर फटे या पटरियों में धातु के टुकड़े – तुरंत रेल पुलिस या ग्राहक सेवा नंबर पर रिपोर्ट करें।
आखिर में, याद रखें कि ट्रेन यात्रा अभी भी सबसे किफ़ायती और तेज़ साधन है भारत में। छोटे‑छोटे सावधानियों से हम अपने सफ़र को सुरक्षित बना सकते हैं और बड़े हादसों को रोका जा सकता है। तो अगली बार जब आप तमिलनाडु की रेल गाड़ी पकड़ें, इन टिप्स को ज़रूर याद रखें – यही आपके और आपके साथियों के लिये सबसे बड़ा सुरक्षा कवच होगा।
तमिलनाडु में बागमती एक्सप्रेस और मालगाड़ी के बीच टक्कर के परिणामस्वरूप 19 यात्री घायल हो गए। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। रेलवे प्राधिकरण घटना की जांच कर रहे हैं और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल में घायलों से मुलाकात की।
©2025 iipt.co.in. सर्वाधिकार सुरक्षित