हर भारतीय अपने बड़े काम या छोटे कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त देखता है। शादी, घर खरीदा, नौकरी शुरू करना या कोई नया प्रोजेक्ट—सब कुछ जब सही समय पर किया जाये तो सफलता का दरवाजा आसान से खुल जाता है। लेकिन यह मुहूर्ट कैसे निकालते हैं? इसका जवाब वैदिक ज्योतिष में छुपा है, जहाँ ग्रहों की स्थिति, पंचांग और नाड़ी मिलाकर एक उपयुक्त समय तय किया जाता है।
अगर आप पहली बार सुन रहे हैं तो चिंता मत करो, इसे समझना बहुत आसान है। सबसे पहले अपना काम या घटना का प्रकार नोट कर लें—क्या यह वैवाहिक, व्यापारिक या धार्मिक है? फिर उस दिन के पंचांग में सूर्य, चंद्र और ग्रहों की स्थिति देखिये। अगर आपके पास एप्लिकेशन नहीं है तो हमारी वेबसाइट पर "शुभ मुहूर्त" टैग वाले लेख मदद करेंगे; वहाँ रोज़ का अपडेटेड टाइम टेबल मिलेगा।
एक सही मुहूर्त में तीन चीजें जरूरी होती हैं: योग, काल और स्थायी ग्रह स्थिति. योग वह संयोजन है जो सूर्य-चंद्र या अन्य दो ग्रहों की मिलन से बनता है। कुछ योग जैसे "शुभ", "अभेद्य" को हमेशा फेवर माना जाता है, जबकि "विष्णु" या "ध्रुव" को बचना चाहिए। काल यानी समय का भाग—यह दिन के विभिन्न भाग में बाँटा जाता है जैसे प्रातःकाल, मध्याह्न और संध्या। प्रत्येक भाग की अपनी शक्ति होती है; उदाहरण के तौर पर सुबह 6‑9 बजे को “उषा” कहा जाता है जो नयी शुरुआत के लिये उत्तम माना जाता है। अंत में स्थायी ग्रह स्थिति—अगर आपका काम मंगल से जुड़ा है तो मंगल के अनुकूल समय चुनें, जैसे कि मंगलवार या शनि की दिक्षण।
इन तीनों को मिलाकर ही आप अपना शुभ मुहूर्त तय कर सकते हैं। अगर आपके पास पंचांग नहीं है, तो हमारे "शुभ मुहूर्त" टैग के लेख में हर दिन का विवरण दिया गया है—कौन सा योग फेवर है, कौन से काल बचना चाहिए और किस ग्रह की दिशा सबसे अनुकूल होगी। यह जानकारी सिर्फ़ एक क्लिक पर मिलती है और किसी भी मोबाइल या कंप्यूटर से आसानी से देखी जा सकती है।
आज (27 अप्रैल 2025) का मुख्य शुभ समय दो भागों में बँटा है:
इन दो समयों को ध्यान में रखकर आप अपने कार्य की योजना बना सकते हैं और अनावश्यक बाधाओं से बच सकते हैं। अगर आपका कोई खास कार्यक्रम है तो इन टाइम स्लॉट्स के बाहर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि वैदिक मान्यताएँ कहती हैं कि असुभ समय पर शुरू किया गया काम बाद में कई परेशानियों का कारण बन सकता है।
हमारी वेबसाइट हर दिन नए‑नए शुभ मुहूरत अपडेट करती रहती है। आप "शुभ मुहूर्त" टैग वाले पेज को बुकमार्क कर सकते हैं, ताकि जब भी कोई बड़ा फैसला लेना हो, तुरंत सही समय मिल जाये। साथ ही यहाँ पर आपको वैदिक ज्योतिष के आसान टिप्स और विशेषज्ञों की राय भी मिलेगी, जिससे आपका निर्णय और भी भरोसेमंद बन जाएगा।
तो अगली बार जब आप शादी या नई नौकरी की बात सोचें, तो पहले इस पेज को देखिए, सही मुहूर्त चुनिए और सफलता की राह पर चलिए। याद रखिए—समय का चुनाव जितना सटीक होगा, उतनी ही आसान होगी आपकी जीत।
नरक चतुर्दशी, जिसे छोटी दिवाली या काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। 2024 में यह 30 अक्टूबर को पड़ेगी। इस पर्व पर भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था, जिससे पाप की समाप्ति और सदाचार की विजय होती है।
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