नमस्ते! शेयर बाजार रोज़ बदलता है, इसलिए हर दिन की कीमतों पर नज़र रखना ज़रूरी है। इस पेज पे आप ‘शेयर कीमत’ टैग वाले सभी लेख एक ही जगह देख पाएंगे – चाहे वो बड़े बैंकों के क्वार्टरली रिजल्ट हों या छोटे‑छोटे स्टॉक्स की तेज़ी‑धीमी.
सबसे पहले बात करते हैं कुछ हाइलाइट्स की। Kotak Mahindra Bank का Q3 रिजल्ट आने के बाद शेयर में 10% तक उछाल देखी गई, जिससे कई निवेशकों ने जल्दी‑जल्दी खरीदारी की. वहीं, विप्रो के बोनस इश्यू के बाद कीमत आधी हो गयी – यानी 1:1 बोनस से शेयर का वैल्यू कम हुआ, पर तरलता बढ़ी.
अगर आप टेक सेक्टर में हैं तो Nikkei 225 जैसी अंतरराष्ट्रीय इंडेक्स भी देख सकते हैं; जापान ने नया रिकॉर्ड बनाया और इसका असर भारतीय डॉल‑डेनॉमिनेटेड IT स्टॉक्स पर पड़ा. इस तरह के बड़े इवेंट्स अक्सर INR‑डॉलर रेट और विदेशी फंड फ्लो को बदलते हैं, जिससे हमारे शेयरों की कीमत भी थरथरा सकती है.
अब जानें क्या चीज़ सीधे-सीधे शेयर की कीमत को प्रभावित करती है. सबसे पहला है कॉर्पोरेट रिजल्ट. जब कोई कंपनी अपना क़्वार्टरली या सालाना मुनाफा घोषित करती है, तो उसकी कमाई बढ़ी हुई दिखे तो शेयर उठते हैं, नहीं तो गिरते हैं.
दूसरा है बाजार भावना (मार्केट सेंटिमेंट). अगर बड़े फंड्स एक साथ किसी सेक्टर में निवेश करते हैं, तो उस सेक्टर के सारे स्टॉक्स की कीमतें जल्दी ऊपर जाती हैं. उल्टा, जब डर या अनिश्चितता बढ़ती है – जैसे चुनाव या भू‑राजनीतिक तनाव – तो निवेशक शेयर बेच देते हैं और कीमत गिरने लगती है.
तीसरा है आर्थिक डेटा. RBI का मौद्रिक नीति, महंगाई के आंकड़े, या GDP की ग्रोथ रेट सभी सीधे-सीधे शेयरों को असर पहुंचाते हैं. उदाहरण के तौर पर, अगर CPI में गिरावट आती है तो बैंकों की लोन मार्जिन सुधरती है और बैंक स्टॉक्स बढ़ते हैं.
और हाँ, टेक्निकल मूवमेंट भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई ट्रेडर्स चार्ट पैटर्न देख कर जल्दी‑जल्दी खरीद-फरोख्त करते हैं, जिससे छोटा‑छोटा स्पाइक या डिप बना रहता है.
इन सभी पॉइंट्स को समझ कर आप शेयर कीमत में आने वाले उतार‑चढ़ाव को बेहतर तरीके से पढ़ सकते हैं और सही टाइम पर ट्रेड कर सकते हैं.
अंत में एक छोटी सी सलाह – हर दिन की अपडेट चेक करें, कंपनी के बुनियादी डेटा देखें, और अगर कोई बड़ी खबर आती है तो उसके बाद के पहले दो घंटे में कीमतों को विशेष ध्यान दें. इससे आप फालतू नुकसान से बचेंगे और सही निवेश का मज़ा ले पाएँगे.
ज़ोमैटो के वित्त वर्ष 24 के चौथी तिमाही के परिणाम सोमवार को घोषित किए गए। 175 करोड़ रुपये के समेकित शुद्ध लाभ की सूचना के बावजूद, कंपनी का शेयर मूल्य 7% गिर गया। ब्रोकरेज फर्मों ने ज़ोमैटो के लिए 'खरीदें' रेटिंग का सुझाव दिया है।
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