आजकल सोशल मीडिया और मोबाइल कैमरों की वजह से निजी वीडियो का लीक होना एक बड़ा डर बन गया है। ऐसे मामलों को "सेक्स वीडियो केस" कहा जाता है, जहाँ किसी व्यक्ति के अंतरंग वीडियो को बिना अनुमति साझा किया जाता है। यह सिर्फ व्यक्तिगत परेशानी नहीं, बल्कि कानूनी जटिलता भी लेकर आता है।
भारत में इस तरह के मामलों को रोकने और दंडित करने के लिए कई कानून मौजूद हैं। सबसे पहले सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) के तहत अवैध रूप से वीडियो प्रकाशित करने वाले को दण्डित किया जा सकता है। साथ ही आपराधिक संहिता (IPC) के सेक्शन 354C और 376 जैसे धारा भी लागू हो सकते हैं, जो यौन उत्पीड़न या बलात्कार की परिभाषा में ऐसे मामलों को शामिल करती हैं। कोर्ट अक्सर पीड़ित की सहमति न होने का प्रमाण माँगता है और अगर वीडियो सार्वजनिक रूप से शेयर हुआ है तो आपराधिक मुकदमा तेज़ी से चलाया जाता है।
हाल ही में कुछ हाई‑प्रोफ़ाइल केस सामने आए हैं, जैसे कि बॉलीवुड कलाकार के निजी क्लिप को सोशल मीडिया पर फैलाने की कोशिश। इन मामलों में पुलिस ने तुरंत शिकायत दर्ज कर कार्रवाई शुरू की और कई प्लेटफॉर्म्स से कंटेंट हटवाया गया। ऐसी खबरें यह दिखाती हैं कि कानूनी प्रावधानों का सही उपयोग हो रहा है, लेकिन साथ ही पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुँचने में अक्सर देर भी होती है।
अगर आपका वीडियो लीक हो गया है तो सबसे पहला कदम है तुरंत पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराना। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट फ़ीचर का इस्तेमाल करके सामग्री को हटवाने की मांग करें। कई प्लेटफ़ॉर्म्स 24 घंटे के भीतर ऐसी सामग्री हटा देते हैं अगर आप वैध शिकायत करते हैं।
डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए दो‑स्टेप वेरिफिकेशन, पासवर्ड बदलना और ऐप्स की परमीशन्स चेक करना ज़रूरी है। अपने फोन या कंप्यूटर में एंटी‑वीरस सॉफ़्टवेयर रखें ताकि मैलवेयर से बचा जा सके जो निजी फ़ाइलें निकाल सकता है। अगर आप सोशल मीडिया पर कोई फोटो/वीडियो शेयर करते हैं तो उसकी प्राइवेसी सेटिंग्स को हमेशा "फ्रेंड्स केवल" या "प्राइवेट" रखें।
पीड़ितों को मनोवैज्ञानिक मदद भी लेनी चाहिए। कई NGOs और हेल्पलाइन ऐसे मामलों में काउंसलिंग प्रदान करती हैं, जिससे भावनात्मक तनाव कम हो सकता है। याद रखिए, यह अपराध आपके ऊपर नहीं बल्कि अपराधी पर ही लागू होता है, इसलिए शर्म या डर से चुप न रहें।
अंत में, हम सभी को डिजिटल एथिक्स की समझ बढ़ानी चाहिए। निजी कंटेंट को बिना अनुमति शेयर करना केवल अनैतिक नहीं, बल्कि कानून का उल्लंघन भी है। यदि आप किसी ऐसे केस के बारे में जानते हैं तो तुरंत रिपोर्ट करें और दूसरों को सावधान रखें। ऐसा करने से इंटरनेट थोड़ा सुरक्षित बनता है और भविष्य में ऐसे अपराध कम हो सकते हैं।
हासन के सांसद प्लाजवाल रेवन्ना के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने हासन के आरसी रोड स्थित उनके आधिकारिक निवास से चादरें और तकिए जब्त किए हैं। एसआईटी ने 10 घंटे का निरीक्षण किया और जब्त किए गए सामान को बेंगलुरु भेजा। प्लाजवाल, जो अब निलंबित जेडी(एस) विधायक हैं, शुक्रवार को बेंगलुरु पहुंचेंगे और गिरफ्तारी का सामना करेंगे।
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