अगर आप भारतीय शेयर बाजार या बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में दिलचस्पी रखते हैं, तो रिलायंस इण्डस्ट्रीज़ का नाम सुनते ही दिमाग में कई चीजें आती हैं – पेट्रोकेमिकल, टेलीकॉम, रिटेल और नई ऊर्जा। इस टैग पेज पर हम रोज़ की सबसे महत्त्वपूर्ण खबरों को संक्षेप में देंगे, ताकि आप जल्दी से समझ सकें कि कंपनी के शेयर या प्रोजेक्ट्स में क्या चल रहा है.
पिछले महीने रिलायंस ने Q3 का परिणाम जारी किया। रिपोर्ट में बताया गया कि नेट प्रॉफिट 15% बढ़ा और राजस्व भी दो अंक से ऊपर बढ़ा। विशेष रूप से रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल सेक्टर ने अच्छी कमाई की, जबकि टेलीकॉम डिवीजन के खर्चे थोड़े बढ़ गए। शेयर बाजार में इस खबर पर स्टॉक लगभग 4% उछला था। अगर आप शेयर निवेशक हैं तो यह संकेत देता है कि कंपनी अभी भी मजबूत बुनियाद पर खड़ी है।
एक और महत्वपूर्ण बात – रिलायंस ने हाल ही में अपनी नई रेन्युएबल एनर्जी फंड की घोषणा की। इस फंड से 10 बिलियन रुपये तक का निवेश करके वे सौर, पवन और हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाएंगे। यह कदम कंपनी के कार्बन फ़ुटप्रिंट कम करने की दिशा में बड़ा है और ESG (पर्यावरणीय, सामाजिक, शासन) मानकों को भी पूरा करता है.
रिलायंस अब सिर्फ तेल‑गैस ही नहीं, बल्कि ग्रीन एनर्जी में भी बड़ी दौड़ लगा रहा है। अगले दो साल में 5 गैस टर्बाइन पवन फार्म और 3 बड़े सौर पार्क चलाने की योजना है। इन प्रोजेक्ट्स से न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, बल्कि भारत के ऊर्जा मिश्रण को साफ़ बनाने में मदद मिलेगी.
डिजिटल सेक्टर में भी रिलायंस नई पहल कर रहा है। उनका जियो नेटवर्क 5G रोल‑आउट की गति तेज़ कर रहा है और छोटे शहरों में कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। इस बदलाव से ई-कॉमर्स, एग्रीटेक और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएँ खुलेंगी.
अगर आप निवेशक हैं तो इन सभी पहलुओं को देखना जरूरी है – वित्तीय प्रदर्शन, नया फंड, रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स और डिजिटल विस्तार। हर एक कदम कंपनी के स्टॉक पर अलग‑अलग असर डालता है. इसलिए खबरों को रोज़ चेक करें, क्योंकि रिलायंस की गति तेज़ है और कभी भी नई घोषणा कर सकता है.
संक्षेप में, रिलायंस इण्डस्ट्रीज़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। चाहे आप शेयर निवेशक हों या सिर्फ कंपनी के भविष्य में रुचि रखते हों, इस टैग पेज पर आपको हर प्रमुख अपडेट मिलेगा – वित्तीय परिणाम से लेकर नई ऊर्जा पहल तक. पढ़ते रहें, समझते रहें और सही फैसले लेते रहें.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने लगातार चौथे वर्ष के लिए वेतन नहीं लिया है, जो COVID-19 महामारी के दौरान शुरू किया गया प्रोटोकॉल है। यह निर्णय प्रबंधन के पारिश्रमिक में संयम और कंपनी की दीर्घकालिक वृद्धि और स्थिरता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे पहले, उन्होंने अपने वार्षिक पारिश्रमिक को FY 2008-09 से FY 2019-20 तक 15 करोड़ रुपये पर सीमित रखा था।
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