अगर आप हिन्दू त्यौहारों या भारत की सांस्कृतिक धरोहरों में दिलचस्पी रखते हैं, तो पुरी रथयात्रा आपके लिए ज़रूर देखनी है। हर साल ओडिशा के पुरी शहर में जगन्नाथ, बलभद्र और सुन्दरकुंडा भगवान के बड़े रथ खींचे जाते हैं। इस यात्रा में लाखों भक्त भाग लेते हैं, सड़कों पर रंग‑बिरंगी भीड़ और उत्सव का माहौल देखते ही बनता है। 2025 की तिथि, मार्ग और जरूरी तैयारियों को जानने से आपका अनुभव बेहतरीन रहेगा।
पुरी रथयात्रा मुख्य रूप से जगन्नाथ रथ यात्रा, बलभद्र रथ यात्रा और सुन्दरकुंडा रथ यात्रा में बाँटी जाती है। 2025 में ये तिथियां इस प्रकार हैं:
इन तीनों रथों का एक साथ खिंचाव देखना अनोखा दृश्य देता है। हर दिन सुबह के समय रथ को ‘गोकुल’ से ले कर ‘जगर’ तक लाया जाता है। इस दौरान बड़प्पन की ध्वनि, शंख और नगाड़े सुनाई देते हैं जो माहौल को मंत्रमुग्ध कर देता है।
1. यात्रा का समय चुनें: भीड़ से बचने के लिये रथ की प्रस्थान के पहले दो घंटे में पुरी पहुँचें। इससे आप मुख्य स्थल पर आराम से जगह पा सकते हैं और फोटो खिंचवाने का मौका मिलता है।
2. आवास बुकिंग जल्द ही करें: रथयात्रा के दौरान होटल की कीमतें दुगनी हो जाती हैं। अगर बजट में रहना चाहते हैं तो स्थानीय गेस्टहाउस या हाउसबोर्ड चुनें और ऑनलाइन पहले से बुक कर लें।
3. सुरक्षित कपड़े पहनें: रथयात्रा में भीड़ बहुत होती है, इसलिए हल्के, आरामदेह कपड़े और बंद जूते पहनना बेहतर रहेगा। धूप के लिए टोपी या छाता रखें; सुबह का मौसम गर्मी से भरा रहता है।
4. खाने‑पीनے की व्यवस्था: पुरी में कई स्ट्रीट फूड स्टॉल होते हैं, पर भीड़ में जाम हो सकता है। अगर आप विशेष डाइट रखते हैं तो पहले से कुछ स्नैक्स ले कर चलें या होटल का खाना ऑर्डर करें।
5. स्थानीय गाइड की मदद लें: अगर पहली बार जा रहे हों तो एक छोटे गाइड को रख लेना फायदेमंद होगा। वे रथ के रास्ते, दर्शनीय जगहों और सांस्कृतिक कहानियों को समझा सकते हैं।
रथयात्रा के साथ ही पुरी में कई आकर्षण हैं:
इन जगहों पर थोड़ा अतिरिक्त समय निकालें, इससे आपका सफर पूरी तरह यादगार बन जाएगा।
पुरी रथयात्रा सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं है; यह भारत की विविधता, संगीत, नृत्य और भोजन का एक बड़ा जश्न है। 2025 में इस महोत्सव को देखना चाहते हैं तो ऊपर बताई गई तिथियां, टिप्स और दर्शनीय स्थानों को ध्यान में रखें। आप भी अपनी कहानियों को हमारे साथ शेयर कर सकते हैं – हमें आपके अनुभव सुनकर खुशी होगी!
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की 'पहंडी' अनुष्ठान रविवार, 7 जुलाई, 2024 को आरंभ हुआ। परंपरागत रूप से आरती और 'मैलम' अनुष्ठान के बाद, देवताओं को मंदिर के अंदर से बाहर निकाला गया। इसके बाद उनके रथों के लिए भव्य शोभायात्रा शुरू हुई। लाखों श्रद्धालु इस आयोजन को देखने के लिए पुरी पहुंचे।
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