आपने शायद सुना होगा ‘महाकुंभ’ शब्द को, पर इसका सही मतलब या महत्त्व पता नहीं हो सकता। सरल भाषा में कहें तो महाकुंभ भारत का सबसे बड़ा धार्मिक सभागृह है जहाँ लाखों लोग स्नान करके आध्यात्मिक शुद्धि चाहते हैं। हर 12 साल में चार प्रमुख नदी तट – प्रयाग (संसद), हरिद्वार, उझ्जैन और नासिक – पर ये मेला लगते हैं। इस दौरान श्रद्धालु गंगा‑यमुना‑सरस्वती के संगम पर जल ग्रहण करते हैं।
किसी भी महाकुंभ में भाग लेने से पहले सही तिथि‑स्थान जान लेना जरूरी है। 2025 में अहम मेला उज्जैन (अश्विन माह) में, जबकि अगले साल नासिक में होगा। प्रत्येक स्थल पर स्थानीय प्रशासन विशेष ट्रैफ़िक और सुरक्षा योजना बनाता है, इसलिए आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी नोटिस से अपडेट रहना फ़ायदेमंद रहेगा।
अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो सबसे आसान विकल्प उज्जैन है – यहाँ ट्रेन‑और बस कनेक्शन बेहतर हैं और रहने के लिए कई सस्ते होटल उपलब्ध हैं। यात्रा की योजना बनाते समय मौसम का ध्यान रखें; गर्मी में जलता बहुत तेज़ हो सकता है, इसलिए हल्का कपड़ा और पर्याप्त पानी साथ रखें।
मेला केवल स्नान तक सीमित नहीं रहता। यहाँ कई आध्यात्मिक कार्यक्रम होते हैं – कथा सम्मेलन, शास्त्र पढ़ाई, योग शिविर और संगीत समारोह। आप स्थानीय व्यंजन जैसे ‘कटली’ या ‘शाकाहारी थाली’ भी चख सकते हैं। बच्चों के लिए छोटी‑छोटी कला‑कार्यशालाएँ और खेल की व्यवस्था होती है जिससे पूरा परिवार मज़ा ले सकता है।
सुरक्षा नियमों का पालन करना बहुत ज़रूरी है। बड़े भीड़ में अपने सामान को सुरक्षित रखें, झुंड से दूर रहें और आध्यात्मिक अनुष्ठानों के दौरान शोर‑शराबे से बचें। अगर आप पहली बार आए हैं तो एक छोटा ग्रुप या गाइड ले लेना बेहतर रहेगा; इससे मार्गदर्शन मिलेगा और कोई महत्वपूर्ण चीज़ छूट नहीं पाएगी।
महाकुंभ में कई सामाजिक पहल भी चलती हैं – मुफ्त स्वास्थ्य जांच, रक्तदान कैंप और बच्चों के लिए शिक्षा सहायता कार्यक्रम। आप स्वयंसेवा करके इस अनुभव को और सार्थक बना सकते हैं। यही कारण है कि हर साल लाखों लोग यहाँ केवल धार्मिक कारण से नहीं बल्कि सामाजिक जुड़ाव की तलाश में आते हैं।
संक्षेप में, महाकुंभ एक ऐसा अवसर है जहाँ आध्यात्मिक शुद्धि, सांस्कृतिक अनुभव और सामाजिक योगदान सभी साथ‑साथ मिलते हैं। चाहे आप श्रद्धालु हों या इतिहास के चाहने वाले, इस मेले का हर पहलू कुछ न कुछ नया सिखाता है। तो अगली बार जब महाकुंभ की खबर आए, तो जल्दी से अपनी यात्रा योजना बनाएं और इस अद्भुत आयोजन को खुद देखें।
प्रयागराज में महाकुंभ मेले के कारण यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा 24 फरवरी से 9 मार्च के लिए स्थगित कर दी गई है। लगभग 54 लाख छात्र नए समय के अनुसार परीक्षा देंगे। अन्य जिलों में परीक्षाएं पहले की योजना के अनुसार होंगी। परीक्षा में कड़ाई से नियमों का पालन किया जाएगा।
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