नमस्ते! अगर आप शेयर मार्केट में कदम रखना चाहते हैं या पहले से ही ट्रेड कर रहे हैं, तो सबसे जरूरी चीज़ है नए IPO की खबरें जानना। हर हफ़्ता कुछ नयी कंपनियां लिस्टिंग का इंतजार करती हैं और इनके बारे में सही जानकारी मिलना आपके निवेश को सुरक्षित बनाता है। यहाँ हम सरल भाषा में बता रहे हैं कि आपको क्या देखना चाहिए और कैसे आगे बढ़ना चाहिए।
IPO पर सब्सक्राइब करने के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है – मेरे शेयर कब मिलेंगे? इसका जवाब आप ब्रोकर की वेबसाइट या स्टॉक एक्सचेंज (BSE, NSE) के आधिकारिक पोर्टल से आसानी से पा सकते हैं। बस ‘ऑफ़रिंग स्टेटस’ या ‘अलोकेशन स्टेटस’ सेक्शन में जाएँ और अपनी एप्लिकेशन नंबर डालें। अगर आपका आवेदन स्वीकृत है तो आपको अलोकेशन प्रतिशत दिखेगा, जैसे 10% या 25% शेयर मिलेंगे।
ध्यान रखें, कई बार सभी निवेशकों को पूरी मात्रा नहीं मिलती; यह प्रो-राटा बेसिस पर होता है। इसलिए अगर आप बड़े पैमाने पर निवेश करना चाहते हैं तो पहले से थोड़ा अतिरिक्त फंड रखना समझदारी होगी।
इस साल के कुछ हॉट IPO में साई लाइफ साइंसेज, कोंडर प्लैटफ़ॉर्म और टेस्ला इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं। साई लाइफ साइंसेज का फाइनल अलोकेशन 16 दिसंबर को हुआ था और इसका सब्सक्रिप्शन 10.26 गुना रहा – यानी बहुत हाई डिमांड। इस तरह की जानकारी आप हमारी साइट पर भी देख सकते हैं, जहाँ हर कंपनी के बारे में संक्षेप में बताया गया है कि उनका बिज़नेस क्या है, प्राइस बैंड कितना है और लिस्टिंग डेट कब है।
एक और दिलचस्प केस – टेस्ला इंडिया का IPO अभी प्री-IPO फेज़ में है, इसलिए कई लोग इसे देख रहे हैं। अगर आप टेक्नोलॉजी या इको-फ़्रेंडली सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं तो इस तरह के कंपनी को फ़ॉलो करें, क्योंकि इनके शेयर की वैल्यू लिस्टिंग के बाद काफी बढ़ सकती है।
अब बात करते हैं कुछ प्रैक्टिकल टिप्स की। पहला – हमेशा ऑफ़र रेज़िंग प्रोसेस समझें। यानी कि फॉर्म 24 में कितना पैसा देना है और किस तारीख को भुगतान करना है। दूसरा – अपने ब्रोकर के कस्टमर सपोर्ट से जुड़ें, ताकि अगर कोई तकनीकी दिक्कत आए तो तुरंत समाधान मिल सके। तीसरा – लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत कैसे खुलेगी, इसका अनुमान लगाने के लिए कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस देखें।
एक और आसान तरीका है कि आप हमारे ‘IPO ट्रैकर’ सेक्शन में साइन अप करें। वहां आपको हर नई लिस्टिंग का अलर्ट मिल जाएगा, साथ ही सब्सक्रिप्शन ओपन होने की तारीख भी नोटिफ़ाई होगी। इससे समय पर एंट्री लेना बहुत सुविधाजनक हो जाता है।
ध्यान रखें कि सभी IPO लाभदायक नहीं होते। कुछ कंपनियां लिस्टिंग के बाद शेयर मूल्य घटा देती हैं, इसलिए रिस्क मैनेजमेंट करना ज़रूरी है। अपना पोर्टफोलियो डाइवर्सिफ़ाई करें और एक ही सेक्टर में सारी पूँजी न लगाएँ।
अंत में, अगर आप अभी शुरुआती हैं तो छोटे-छोटे IPO से शुरुआत करें, जैसे कि फूड प्रोसेसिंग या रिटेल कंपनियां जिनका बिज़नेस मॉडल समझना आसान है। धीरे‑धीरे अनुभव बढ़ने पर बड़े टेक या हेल्थकेयर प्रोजेक्ट्स की ओर कदम रखें। याद रखिए – सही जानकारी और समय पर निर्णय ही आपका सबसे बड़ा साथी है।
FirstCry, बच्चों और बच्चों के उत्पादों के लिए प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ने अपने शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज पर 40% उच्च सूची मूल्य पर सूचीबद्ध किया। मार्केट एनालिस्ट्स का सुझाव है कि मजबूत व्यवसाय मॉडल और भविष्य के विकास की संभावनाओं को देखते हुए निवेशकों को अपने शेयरों को होल्ड करना चाहिए।
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