अगर आप बैंकिंग या शेयर मार्केट की खबरें पढ़ते‑लिखते थक चुके हैं तो एनटिए शब्द आपने जरूर सुना होगा। लेकिन असली मतलब समझ में नहीं आता? चलिए इसे आसान भाषा में तोड़ते हैं। NPA का पूरा नाम नॉन‑परफॉर्मिंग एसेट्स है, यानी ऐसी लोन या डेब्ट जो दो साल से ज्यादा देर तक वापस नहीं आई। जब कोई कंपनी या व्यक्ति समय पर क़िस्त नहीं भर पाता, तो बैंक इसका ‘एनटिए’ बनाता है और इसे अपने बैलेंस शीट में अलग दिखाता है।
आमतौर पर अगर कोई लोन 90 दिन या उससे ज्यादा देर से चुकता है, तो बैंक उसे ‘स्ट्रेस’ मानता है। फिर जब यह अवधि 180 दिन (6 महीने) तक बढ़ जाती है, तो वह आधिकारिक तौर पर NPA बन जाता है। इस दौरान बैंक को नुकसान का अंदाज़ा लगाना पड़ता है और पूंजी के लिए रिज़र्व रखना पड़ता है। इसलिए एनटिए सिर्फ एक अकादमिक शब्द नहीं, बल्कि बैंक की वित्तीय हेल्थ में बड़ा असर डालता है।
अगर आप कंपनी के मालिक हैं या खुद का छोटा व्यापार चलाते हैं तो कुछ आसान कदम अपनाकर NPA बनने से बच सकते हैं:
बैंकों की भी अपनी भूमिका है। वे अक्सर एनटिए को कम करने के लिये रीस्ट्रक्चरिंग, प्रीपेयमेंट विकल्प या डिफ़ॉल्ट केस में सेक्योरिटी से कलेक्शन करते हैं। हाल ही में कई बड़े बैंक्स ने ‘इंडस्ट्रियल लोन सॉल्यूशन’ लॉन्च किया है जिससे उद्योगों को पुनर्गठन की सुविधा मिलती है।
आपके लिए सबसे ज़रूरी बात यह है कि एनटिए सिर्फ एक अंक नहीं, बल्कि आर्थिक जोखिम का संकेत है। जब आप अपने व्यावसायिक लेन‑देनों में व्यवधान देखते हैं तो तुरंत कदम उठाएँ—चाहे वह डेडलाइन बढ़ाना हो या अतिरिक्त कोलेटरल देना। इस तरह से आप न केवल अपनी कंपनी को सुरक्षित रखेंगे, बल्कि बैंक की भी मदद करेंगे कि वे अधिक लोन दे सकें और अर्थव्यवस्था चलती रहे।
समझ में आया? अब जब अगली बार समाचार में एनटिए का उल्लेख आए, तो आपको पता होगा यह किसे कहते हैं, क्यों महँगा पड़ता है और कैसे रोका जा सकता है। अगर आप इस टैग पेज पर आये हैं, तो नीचे दी गई लेखों को पढ़ें—हर एक में एएनपीए से जुड़े नई जानकारी है जो आपके निवेश या व्यापार निर्णयों को सटीक बना सकती है।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) दिसंबर 2024 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर 19 नवंबर 2024 से 10 दिसंबर 2024 तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा प्रपत्र के सुधार के लिए विंडो 12 दिसंबर से 13 दिसंबर 2024 तक उपलब्ध होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2024 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद एनटीए को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि ये आरोप परीक्षा के निष्पक्षता और समानता के अधिकार का उल्लंघन करते हैं। कोर्ट ने क्लासिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इंकार कर दिया और मामले की सुनवाई 8 जुलाई को होगी।
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