आप स्टॉक मार्केट में नए निवेशक हैं या पुराने खिलाड़ी? अक्सर आपको बोनस शेयर की खबर सुनने को मिलती है, पर असली मतलब समझ नहीं आता। चलिए इसे आसान शब्दों में तोड़ते हैं – बोनस शेयर वह अतिरिक्त शेर होते हैं जो कंपनी मौजूदा शेयरधारकों को मुफ्त में देती है। आप अपने पास मौजूद शेयरों के अनुपात में एक या दो शेयर अतिरिक्त पा सकते हैं, बिना किसी पैसा खर्च किए।
जब कोई कंपनी मुनाफा कमाती है लेकिन उसे नकद नहीं देना चाहती, तो वह इस मुनाफे को शेयर पूँजी में बदल देती है। इससे कंपनी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर मजबूत होता है और शेयरधारकों की हिस्सेदारी बढ़ जाती है। बोनस शेयर का रेशियो आमतौर पर 1:2, 1:5 आदि होता है – यानी आप हर दो या पाँच मौजूदा शेयरों के बदले एक नया शेयर पाते हैं। इस प्रक्रिया से बाजार में कंपनी की वैल्यू कम नहीं होती, बल्कि आपके हाथों में शेयरों की संख्या बढ़ जाती है।
बोनस शेयर मिलने पर सबसे पहले अपनी डिमैट अकाउंट (DP) में बदलाव देखें। अधिकांश ब्रोकर अपने पोर्टल या ऐप के ज़रिए आपको नोटिफिकेशन भेजते हैं। अगर आप अभी भी कागज़ी शेयर रखे हुए हैं, तो कंपनी की रिकॉर्डिंग एजेंसियों से संपर्क करके इलेक्ट्रॉनिक रूप में ट्रांसफ़र करवाएँ – इससे भविष्य में बेचने या होल्ड करने में आसानी होगी।
बोनस शेयर के बाद आपका कुल निवेश नहीं बढ़ता, पर आपके पास अधिक संख्या में शेयर होते हैं, जिससे आप आगे के डिविडेंड और कैपिटल गैन्स दोनों से फायदा उठा सकते हैं। साथ ही, अगर कंपनी का स्टॉक प्राइस स्थिर रहता है, तो बोनस शेयर की वजह से आपकी एवरज क़ीमत नीचे आती है, यानी कम कीमत पर अधिक शेयरों की खरीदारी आसान हो जाती है।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि बोनस शेयर पर कोई टैक्स नहीं लगता जब तक आप उन्हें बेचते नहीं हैं। बिक्री के समय आपको कैपिटल गेन टैक्स देना होगा, लेकिन अगर आप इसे एक साल से कम अवधि में बेचते हैं तो शॉर्ट‑टर्म टैक্স लगेगा, जबकि एक साल बाद लाँग‑टर्म रेट लागू होगा। इसलिए बोनस शेयर को थोडा टाइम रखकर लाभ उठाना अक्सर फायदेमंद रहता है।
बोनस शेयर के ट्रेंड को समझने में मदद मिलती है जब आप पिछले कुछ वर्षों की कंपनियों के उदाहरण देखें – जैसे 2023 में कई बड़े बैंकों और ऑटो कंपनी ने बोनस जारी किए थे, जिससे उनके शेयरधारक का भरोसा बढ़ा। आज भी कई छोटे‑मोटे कंपनियां इस उपाय से अपने फाइनेंस को सुदृढ़ कर रही हैं।
तो अगली बार जब आप किसी कंपनी की एनीस्ट्रेशन या कॉर्पोरेट एक्शन नोटिस देखें, तो बोनस शेयर का उल्लेख है या नहीं, ध्यान से पढ़ें। अगर हाँ, तो तुरंत ब्रोकर के साथ संपर्क करें और अपने DP में अपडेट चेक करें। इस छोटे‑से कदम से आपके निवेश पोर्टफोलियो में अतिरिक्त मूल्य जुड़ सकता है, बिना किसी अतिरिक्त खर्चे के।
सारांश: बोनस शेयर मुफ्त में मिलते हैं, कंपनी की पूँजी को मजबूत बनाते हैं, टैक्स बचत का मौका देते हैं और आपके शेयरों की संख्या बढ़ाकर दीर्घकालिक लाभ दिलाते हैं। अब जब भी आप स्टॉक मार्केट के अपडेट पढ़ें, बोनस शेयर को नजरअंदाज न करें – यह छोटा अवसर बड़ा फर्क ला सकता है।
आईटी कंपनी विप्रो के शेयर की कीमत 3 दिसंबर 2024 को उस दिन आधी हो गई, जब यह 1:1 बोनस इश्यू के कारण एक्स-डेट ट्रेडिंग पर आ गई। इस बदलाव का मतलब हर शेयरहोल्डर को एक शेयर पर एक बोनस शेयर मिलना है। यह कदम शेयरधारकों के प्रति आभार व्यक्त करने और शेयर की तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
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