हर साल सड़कों पर कई बस दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें अक्सर यात्रियों की जिंदगियां खतरे में पड़ जाती हैं। आप भी रोज़ाना बस से यात्रा करते हों या कभी‑कभी, तो इन घटनाओं के पीछे क्या कारण होते हैं और कैसे बचा जा सकता है, यह जानना ज़रूरी है। इस लेख में हम सरल भाषा में मुख्य कारण, बचाव उपाय और हाल की कुछ खबरें बताएँगे ताकि आप सुरक्षित रह सकें।
1. तेज़ गति – कई ड्राइवर ट्रैफ़िक जाम से बचने के लिए अनावश्यक रूप से तेज़ चलाते हैं। इससे ब्रेक लगाना मुश्किल हो जाता है और अचानक मोड़ में गाड़ी फिसल सकती है।
2. बिना देखरेख की रख‑रखाव – टायर, ब्रेस्के, सस्पेंशन जैसी चीज़ों का समय पर चेक न करना ब्रेक फ़ेल्योर या साइडिंग का कारण बनता है।
3. अधिक यात्रियों का बोझ – जब बस में अधिक लोग बैठते हैं तो वजन बढ़ जाता है और ड्राइवर को गाड़ी संभालना कठिन हो जाता है, खासकर मोड़ पर।
4. ड्राइविंग लाइसेंस की कमी या अयोग्यता – कुछ केसों में अनअभ्यस्त या बिना वैध लाइसेंस वाले लोग बस चलाते हैं, जिससे नियंत्रण खोने की संभावना बढ़ती है.
5. खराब सड़कों और खराब संकेत – पक्की सड़क नहीं हो तो गाड़ी का संतुलन बिगड़ता है; साथ ही गलत या घिसे हुए ट्रैफ़िक संकेत ड्राइवर को भ्रमित कर देते हैं.
• सीट बेल्ट पहनें – बस में अक्सर सीट बेल्ट नहीं होते, पर नई मॉडलों में यह अनिवार्य हो रहा है। यदि मिल जाए तो हमेशा इस्तेमाल करें.
• बिना लंगर के खड़े न हों – यात्रा के दौरान अचानक ब्रेक लगने पर गिर सकते हैं। बैठें या सुरक्षित जगह पर खड़े हों.
• ड्राइवर की गाड़ी चलाने की शैली देखें – तेज़ गति, अनियमित लैन बदलना या रुक-रुक कर ड्राइविंग से बचें. अगर आपको असहज लगता है तो चालक को शांति से बताएं.
• बॉक्स और सामान सुरक्षित रखें – बड़ी चीज़ों को ओवरहेड कम्पार्टमेंट में रखिए, ताकि अचानक रुकने पर वे गिरकर चोट न पहुंचाएँ.
• रूट और समय की जाँच करें – यात्रा से पहले पता कर लें कि कौन‑सी सड़कों पर काम चल रहा है या मौसम ख़राब है. वैकल्पिक मार्ग चुनें.
हाल ही में कुछ प्रमुख बस दुर्घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। जम्मू-काश्मीर शोपिया एनकाउंटर में सुरक्षा गार्डों ने अचानक टॉपिंग के कारण दो बशरीकों को चोट पहुंची थी। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में एक बस जो तेज़ गति से चल रही थी, पहाड़ी मोड़ पर उलट गई और कई लोग घायल हुए। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि नियम‑भंग और रख‑रखाव की लापरवाही का दुष्प्रभाव बहुत गंभीर होता है।
आपको बस में यात्रा करते समय सतर्क रहना चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी याद रखें कि अधिकांश ड्राइवर जिम्मेदार होते हैं और सुरक्षा उपाय अपनाते हैं। अगर आप खुद ड्राइव कर रहे हों तो ऊपर बताए गए बिंदुओं का पालन करें; इससे न केवल आपका बल्कि आपके साथियों का जीवन भी बच सकता है.
अंत में, सड़क पर सभी का सहयोग चाहिए – सरकार को सड़कों की बेहतर देखभाल करनी चाहिए, कंपनियों को बसों के नियमित चेक‑अप करवाने चाहिए और यात्रियों को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होना चाहिए। जब सब मिलकर सुरक्षित यात्रा करेंगे तो बस दुर्घटनाओं की संख्या घटेगी और हम सभी आराम से घर पहुंच पाएंगे.
मुंबई के कुर्ला पश्चिम में हुए एक दर्दनाक बस हादसे में सात लोगों की जान चली गई और 42 अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना तब हुई जब एक इलेक्ट्रिक बस ने नियंत्रण खो दिया और पैदल यात्रियों व अन्य वाहनों से टकरा गई। ड्राइवर के खिलाफ पुलिस ने हत्या के लिए गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है, और जांच जारी है। इस हादसे ने मुंबई के परिवहन पर व्यापक प्रभाव डाला है।
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