आधुनिक बैंकिंग में हर दिन नई-नई फर्जी ट्रांजैक्शन की खबरें आती रहती हैं। चाहे वो मोबाइल ऐप पर अनजान लिंक क्लिक करना हो या फ़िशिंग ई‑मेल, छोटे‑छोटे कदम बड़ी परेशानी बन सकते हैं। इस लेख में हम समझेंगे कि धोखाधड़ी कैसे होती है और आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
सबसे पहले देखिए कौन‑से साधन अक्सर इस्तेमाल होते हैं:
इनमें से कोई भी तरीका आपके ध्यान की कमी में कामयाब हो जाता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
हाल ही में कोटक महिंद्रा बैंक के Q3 परिणामों पर शेयर में उछाल आया, लेकिन उसी समय छोटे‑छोटे निवेशक एटीएम से नकद निकासी करने में असफल रहे क्योंकि उनकी जानकारी बिना अनुमति वाले ट्रांजैक्शन थे। इसी तरह कई लोग ऑनलाइन लोन एप्लिकेशन में फर्जी दस्तावेज़ जमा कर के पैसे निकालवाते हैं। इन उदाहरणों से पता चलता है कि धोखाधड़ी सिर्फ बड़े नामों पर नहीं, सामान्य ग्राहक भी निशाना बनते हैं।
धोखे को रोकने के लिए नीचे दिए गए टिप्स अपनाएँ:
इन छोटे‑छोटे कदमों से आप बड़ी बचत कर सकते हैं और वित्तीय जोखिम कम कर सकते हैं।
ध्यान रखें, धोखेबाज़ हमेशा नई तरकीबें निकालते रहते हैं। इसलिए अपने बैंकिंग ऐप को अपडेट रखें, पासवर्ड नियमित रूप से बदलें और कभी भी व्यक्तिगत जानकारी किसी अजनबी के साथ शेयर न करें। अगर आपको संदेह है तो तुरंत बैंकर कस्टमर सर्विस या पुलिस में रिपोर्ट फाइल करें। सुरक्षित रहिए, पैसा बचाइए!
सीबीआई ने 34,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में धीरज वाधवान को गिरफ्तार किया है। वाधवान पर 17 बैंकों के एक समूह के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह देश के सबसे बड़े बैंकिंग ऋण घोटालों में से एक है।
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