जब भी कोई फैसला सुनाया जाता है, लोग अक्सर उससे असहमत हो कर ‘अपील’ का रास्ता चुनते हैं। अपील सिर्फ अदालत में ही नहीं, राजनीति, खेल या रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी होती है। इस टैग पेज पर हम आपको उन सभी मामलों की जानकारी देंगे जहाँ किसी ने फैसला उलटाने या बदलने की कोशिश की – चाहे वो वोट चोरियों का मामला हो या कोई बड़ी कंपनी का शेयर‑बाजार अपील.
सबसे आम दो तरह की अपील होती है – कानूनी अपील और सामाजिक/राजनीतिक अपील. कानूनी अपील में हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट को नई साक्ष्य या कानून के हिसाब से फिर से सुनवाई की जाती है। राजनीतिक अपील अक्सर पार्टी भीतर या चुनावी परिणामों के बाद उठती है, जैसे राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोप पर दलीलें दीं। खेल‑जगत में भी टीम या खिलाड़ी मैच के फैसले को बदलने के लिए अपील कर सकते हैं – जैसा कि IPL या क्रिकेट टेस्ट में देखा गया.
1. राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ अपील: उन्होंने चुनाव परिणाम पर पाँच तरीकों से साक्ष्य माँगा, लेकिन फिर भी कई प्रश्न बाकी हैं। इस मामले में अब अदालत के आदेशों का इंतज़ार है.
2. Kotak Mahindra Bank की शेयर अपील: Q3 में मुनाफ़ा बढ़ाने के बाद कुछ ब्रोकर ने रिपोर्टिंग में गड़बड़ी बताई, जिससे शेयरधारक कोर्ट में रिव्यू चाहते हैं।
3. Nikkei 225 का रिकॉर्ड तोड़ना: जापान की स्टॉक मार्केट में बदलाव को लेकर कई निवेशकों ने अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्थाओं से अपील दर्ज की है, ताकि भविष्य के उतार‑चढ़ाव पर नियंत्रण मिल सके.
4. क्रिकेट में ‘बियर स्नेक’ घटना: मोहम्मद सिराज और लाबुशेन के बीच हुए विवाद ने ICC को फॉर्मल अपील भेजी – क्या नियमों का पुनः अध्ययन होगा?
इन केसों से साफ़ दिखता है कि अपील सिर्फ अदालत में नहीं, व्यापार, खेल, राजनीति में भी रोज़ होती है. हर अपील का मकसद सही निर्णय लेना या नुकसान कम करना होता है.
अगर आप किसी खास अपील के बारे में और गहराई से जानना चाहते हैं, तो इस पेज पर उपलब्ध लेखों को पढ़िए। यहाँ हम हर केस की ताज़ा जानकारी, मुख्य बिंदु और संभावित परिणाम एक आसान भाषा में देते हैं, ताकि आपको समझने में कोई दिक्कत न हो.
भविष्य में अपील से जुड़ी नई ख़बरें यहाँ अपडेट होती रहेंगी. इसलिए बार‑बार चेक करते रहिए और कभी भी अनजाने में गलत जानकारी न ले जाइए.
ब्रिटेन का सबसे धनी परिवार हिंदुजा स्विस अदालत के उस फैसले के खिलाफ अपील की है जिसमें कुछ परिवार के सदस्यों को कर्मियों का शोषण करने के लिए जेल की सजा सुनाई गई थी। परिवार के वकीलों ने यह स्पष्ट किया कि वे इस फैसले से 'निराश और स्तब्ध' हैं। आरोपों में कर्मचारियों की पासपोर्ट जब्त करना, उनकी गतिविधियों पर निर्बंध लगाना और कम वेतन पर लंबी घंटों तक काम कराना शामिल है।
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