भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच के तौर पर गौतम गंभीर की शुरुआत
गौतम गंभीर, भारतीय क्रिकेट टीम के नव नियुक्त मुख्य कोच, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट कर दिया कि उनके लिए भारतीय क्रिकेट की प्रगति प्राथमिकता है, न कि उनका व्यक्तिगत महत्व। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस श्रीलंका दौरे से पहले आयोजित की गई थी, जिसमें गंभीर ने टीम की सफलता पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके पूर्ववर्ती, राहुल द्रविड़ ने टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है, और वे इस उच्च मानक को बनाए रखने के प्रति वचनबद्ध हैं।
श्रीलंका दौरे की तैयारी
भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही श्रीलंका के खिलाफ तीन टी20 और तीन वनडे मैच खेलेगी, और गंभीर ने इस दौरे की तैयारी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यह दौरा टीम की क्षमता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है और वे इस दिशा में पूरी तैयारी कर रहे हैं। बेशक, गौतम गंभीर का कहना है कि टीम की सभी खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि आगामी मैचों में टीम अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।
कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ी यादें
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, गौतम गंभीर को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ उनकी गहरी जुड़ाव के प्रतीक स्वरूप एक स्मृति चिन्ह के साथ देखा गया। केकेआर ने उनकी अंडर-डॉग टीम को चैंपियन बनाया था, और यह जश्न अभी भी उनकी स्मृतियों में ताजा है। गंभीर ने कहा कि केकेआर ने उनके करियर पर गहरा प्रभाव डाला है और वे हमेशा इन यादों को संजो कर रखेंगे।
टीम के साथ खिलाड़ियों का तालमेल
गौतम गंभीर को इस बात की भी खुशी है कि वे अब भारतीय टीम के पूर्व सह-खिलाड़ी और कप्तान विराट कोहली के साथ काम करेंगे। गंभीर ने कहा कि वे कोहली के साथ अच्छा तालमेल रखते हैं और टीम की सफलता के लिए मिलकर काम करेंगे। गंभीर ने यह भी कहा कि विराट कोहली के नेतृत्व में टीम ने कई उच्चतम मानदंड स्थापित किए हैं, और वे इस दिशा में काम करना जारी रखेंगे।
सहायक कोच और सपोर्ट स्टाफ
गंभीर के कोचिंग स्टाफ में शामिल होने वाले अन्य सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अभिषेक नायर और रयान टेन डोशेटे, जो पहले केकेआर के उनके सहयोगी रह चुके हैं, अब सहायक कोच और अन्य भूमिकाओं में शामिल हो गए हैं। यह सहयोग महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन लोगों के साथ काम करने का मौका देता है जिनके साथ वे पहले से ही अच्छे प्रोफेशनल और व्यक्तिगत संबंध रखते हैं।
सूर्यकुमार यादव की नियुक्ति
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि सूर्यकुमार यादव को टी20 कप्तान के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि हार्दिक पांड्या को फिटनेस संबंधी चिंताओं के कारण अभी आराम दिया गया है। अजीत अगरकर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें ऐसे कप्तान की जरूरत है जो सभी मैचों में निरंतर हिस्सा ले सकें और टीम को मजबूती प्रदान कर सकें। सूर्यकुमार यादव ने अपनी व्यक्तिगत फॉर्म से टीम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, और उन पर भरोसा जताया गया है।
इस पूरी चर्चा के दौरान, गंभीर ने एक बार फिर अपनी प्राथमिकता को दोहराया: भारतीय क्रिकेट टीम की सफलता। उन्होंने सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के बीच अच्छे तालमेल और मेहनत पर जोर दिया, ताकि टीम शानदार परिणाम हासिल कर सके।
20 टिप्पणियाँ
Dipak Prajapati
अरे भाई, गंभीर अब कोच बन गए? तो फिर केकेआर का जादू कहाँ गया? अब तो टीम को लेकर बोल रहे हैं, पर असली टेस्ट तो वो होगा जब वो एक मैच खो दें।
Mohd Imtiyaz
गौतम का अंदाज़ अच्छा है। उनकी टीम के साथ जुड़ाव और उनके पूर्ववर्तियों के प्रति सम्मान को देखकर अच्छा लगा। अगर यही दिशा बनी रहे, तो टीम बहुत बेहतर हो सकती है।
arti patel
विराट और गौतम का तालमेल देखकर दिल खुश हो गया। ऐसे लोगों के साथ काम करना टीम के लिए बहुत बड़ा फायदा होगा।
Nikhil Kumar
सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाना बहुत सही फैसला है। उनकी बल्लेबाजी और शांत नेतृत्व टीम के लिए बहुत जरूरी है। अब बस इन दोनों के बीच विकास को देखना है।
Priya Classy
इतना सब कुछ बोलने के बाद भी टीम अगले दो महीने में एक भी मैच नहीं जीत पाएगी तो क्या होगा? बस बातें करने का नहीं, काम करना है।
Amit Varshney
गौतम गंभीर के व्यक्तित्व में अत्यधिक संयम और व्यावसायिकता दिखती है। इस प्रकार के नेतृत्व के साथ भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया युग शुरू हो सकता है।
One Love
वाह बहुत बढ़िया! गौतम भैया अब टीम के लिए जान हैं ❤️ श्रीलंका दौरे पर बर्बर जीत देंगे! 🚀
Vaishali Bhatnagar
केकेआर की यादें अभी भी ताज़ा हैं तो बहुत अच्छा है लेकिन अब भारत के लिए काम करना है न कि पुराने दिनों को याद करना
Abhimanyu Prabhavalkar
हार्दिक को आराम दिया? ये तो बस एक बहाना है। असली कारण तो ये है कि उनके बिना टीम का दिमाग बहुत अच्छा लग रहा है।
RANJEET KUMAR
गौतम गंभीर और विराट कोहली का जोड़ा टीम के लिए बरकत है। दोनों के बीच जुड़ाव बहुत बड़ी ताकत है। श्रीलंका दौरे पर बस जीत दिखाओ!
Dipen Patel
इतना बड़ा नाम लेकर भी अगर टीम नहीं जीती तो फिर भी बस एक नाम बन जाएगा। उम्मीद है कि ये बातें असली नतीजों में बदलेंगी 😊
Sathish Kumar
सब कुछ अच्छा है लेकिन क्रिकेट तो बल्ले और गेंद से खेला जाता है। बातें तो सब करते हैं।
Mansi Mehta
अजीत अगरकर के फैसले अच्छे हैं, लेकिन अगर सूर्यकुमार को बार-बार बल्लेबाजी करनी पड़े तो उनकी फिटनेस कैसे बनी रहेगी? ये तो बहुत खतरनाक है।
Bharat Singh
गौतम गंभीर और अभिषेक नायर का जोड़ा बहुत अच्छा है। बस अब जीत दिखाओ भाई 😎
Disha Gulati
सब ये कह रहे हैं कि गौतम बहुत अच्छे हैं पर क्या आप जानते हैं कि ये सब बॉस के लिए बनाया गया एक धोखा है? वो असल में एक बहुत बड़ा नेता नहीं हैं बल्कि एक फैंसी नाम हैं। राहुल द्रविड़ को हटाने के लिए ये सब चल रहा है।
Sourav Sahoo
अगर गौतम गंभीर ने वास्तव में टीम की सफलता को प्राथमिकता दी है तो फिर विराट कोहली को अपनी टीम में शामिल करने का फैसला क्यों लिया? क्या वो भी अपनी छाया में छिपना चाहते हैं?
Sourav Zaman
गौतम गंभीर के साथ अभिषेक नायर और रयान टेन डोशेटे जैसे लोग आए हैं तो ये बहुत अच्छी बात है। अब टीम को बहुत जल्दी नई रणनीति मिलेगी। बस इतना ही कहना है कि इन लोगों की व्यक्तिगत जिंदगी में भी इतना अच्छा तालमेल है तो टीम के लिए क्यों नहीं?
Avijeet Das
सूर्यकुमार को कप्तान बनाना बहुत बड़ा फैसला है। लेकिन क्या ये उनकी फॉर्म के आधार पर है या बस बातों की बात है? अगर वो अगले तीन मैचों में अच्छा नहीं खेलते तो क्या होगा?
Sachin Kumar
गौतम गंभीर के व्यक्तित्व में गहराई है। उनका दृष्टिकोण निर्माणात्मक है। इस प्रकार के नेतृत्व की आवश्यकता है।
Ramya Dutta
हार्दिक को आराम दिया? बस एक बहाना है। असल में तो वो बहुत ज्यादा बोलते हैं। अब तो टीम का नेतृत्व शांत लोगों के हाथ में है।