अगर आप कभी भारतीय रक्षा के बारे में बात सुनते हैं तो "सरंग" नाम अक्सर आता है। यह एक मध्य‑स्तरीय टैक्टिकल हेलीकॉप्टर है जिसे भारत ने अपने खास जरूरतों के लिए विकसित किया है। साधारण शब्दों में कहें तो, सरंग वह हवाई वाहन है जो तेज़ी से उड़ता है, कम दूरी पर भारी हथियार ले जा सकता है और कठिन इलाकों में भी ऑपरेट करता है।
सरंग की पावर टर्बाइन दो‑स्टेज एंजिन से चलती है, जिससे इसकी अधिकतम गति 250 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच जाती है। इसमें एक रोटर ब्लेड सेट होता है जो वायुमंडल को स्थिर रखता है और पाइलट को कम थकान देता है। हेलीकॉप्टर की सर्वाइवल टाइम लगभग दो घंटे की होती है, लेकिन फ्यूल टैंक बढ़ाने पर इसे तीन‑चार घंटे तक भी चलाया जा सकता है।
सेंसर पैकेज में इन्फ्रारेड कैमरा, थर्मल इमेजिंग और रडार शामिल हैं। इनकी मदद से सरंग रात या धुंध में भी लक्ष्य को पहचानता है और सटीक हमले कर सकता है। इसके अलावा, एंटी‑जैमिंग कम्युनिकेशन सिस्टम इसे इलेक्ट्रॉनिक युद्घ में सुरक्षित रखता है।
1. **सीमावर्ती निगरानी** – भारत की लंबी सीमा पर घनत्व वाले इलाकों में पैदल सेना को सपोर्ट करने के लिए सरंग हवाई इंटेलिजेंस देता है। ड्रोन जैसे एरिया कवरेज से अलग, हेलीकॉप्टर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है।
2. **ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक** – छोटे समूहों में टरफ को मैनेज करने के लिए यह भारी सामान, दवाइयाँ या रेज़्क्यू टीम्स को जल्दी पहुंचा देता है। पहाड़ी क्षेत्रों में गलीचा‑गलीचे नहीं होते, पर हेलीकॉप्टर लैंडिंग पैड से काम चल जाता है।
3. **हवा‑से‑हवा लड़ाई** – सरंग कई प्रकार के एंटी‑टैंक मिसाइल और रॉकेट ले जा सकता है। यदि कोई दुश्मन टैंक्स या बख्तरबंद वाहन सामने आते हैं, तो ये हेलीकॉप्टर सीधे लक्ष्य पर वार कर देता है।
4. **सर्च एंड रिज़्क्यू (SAR)** – आपदा या युद्ध के दौरान फँसे लोगों को खोजने में सरंग का रोल अहम होता है। थर्मल कैमरा से रात में भी जीवन संकेत दिखा लेता है और तुरंत बचाव टीम भेज देता है।
सरंग की सबसे बड़ी बात यह है कि इसे भारतीय इंजीनियरों ने खुद डिजाइन किया है, इसलिए रख‑रखाव और पार्ट्स की उपलब्धता आसान है। इससे विदेशियों के हेलीकॉप्टर से जुड़ी महंगी लॉजिस्टिक लागत बचती है।
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भारतीय वायु सेना 6 अक्टूबर 2024 को चेन्नई के मरीना बीच पर एक भव्य एयर शो का आयोजन कर रही है। यह आयोजन वायु सेना की 92वीं वर्षगांठ का हिस्सा है। इस शो में राफेल, सु-30, मिग, जगुआर, और तेजस सहित 72 प्रकार के विमान शामिल होंगे। इसमें सुर्य किरण और सरंग एरोबाटिक टीम जैसी प्रतिष्ठित टीमों की प्रदर्शन करेंगे। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन शामिल होंगे।
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