अगर आप तेलंगाना या आंध्र प्रदेश के बारे में बात सुनते हैं तो अक्सर चंद्रबाबू नायडू का नाम सामने आता है। उन्होंने 1990‑यों से ही राज्य की राजनीति में धूम मचा रखी है। एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले ये नेता अब भी अपनी पार्टी टेलेंगाना दरबार (टीडीपी) के प्रमुख हैं।
नायडू ने दो बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद संभाला – 1995‑2004 और 2014‑2019 में। उनके शासक काल में कई बड़े इन्फ़्रा प्रोजेक्ट शुरू हुए, जैसे रियल टाइम डेटा नेटवर्क, सड़कों का विस्तारित निर्माण और जल संरक्षण योजनाएं। उनका दावा था कि ‘हर गाँव तक बिजली’ पहुँचाना आसान हो गया। इस दौरान उद्योगों को भी आकर्षित किया गया जिससे रोजगार के नए अवसर बने।
विकास के नाम पर उन्होंने कई विशेष आर्थिक ज़ोन (SEZ) लगाए, खासकर कंकण में, जो आज स्टार्ट‑अप और निर्माण कंपनियों का हब बन चुका है। शिक्षा क्षेत्र में नई विश्वविद्यालयों की स्थापना और डिजिटल क्लासरूम को बढ़ावा देना भी उनकी प्राथमिकताओं में था।
पर्याप्त विकास के साथ ही कई विवाद भी रहे। जमीन अधिग्रहण, किफायती आवास योजनाओं में पारदर्शिता की कमी और कुछ बड़े उद्योगों को मिलने वाले कर रियायतों पर विपक्ष ने घोर आरोप लगाए हैं। 2023‑24 में उनके परिवार से जुड़े एस्टेट प्रोजेक्ट को लेकर मीडिया में सवाल उठे थे कि क्या यह निजी लाभ के लिए किया गया था।
इसके अलावा, उनका ‘आंध्र प्रदेश टु तेलंगाना’ बंटवारा के बाद की नीति भी कई बार आलोचना का शिकार रही। कुछ लोग कहते हैं कि उन्होंने राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया, जबकि उनके समर्थक कहते हैं कि यह निर्णय आवश्यक था और अब तेलंगाना ने खुद को सुदृढ़ किया है।हालिया समाचार में कहा गया है कि 2024 के विधानसभा चुनावों में टीडीपी की स्थिति काफी हद तक उनकी रणनीति पर निर्भर करेगी। पार्टी ने नई युवा चेहरों को सामने लाकर पुरानी छवि बदलने की कोशिश की है, लेकिन जनता का भरोसा फिर भी उनके कार्यकाल की स्मृति से जुड़ा रहता है।
अगर आप नायडू के बारे में और गहरा पता लगाना चाहते हैं तो उनके भाषण, इंटरव्यू और विकास प्रोजेक्ट्स को देखना मददगार रहेगा। यह समझना जरूरी है कि उनका प्रभाव सिर्फ राजनैतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक भी रहा है। भविष्य में उनकी भूमिका कैसे विकसित होगी, ये काफी हद तक लोगों की उम्मीदों और पार्टी के अंदरूनी निर्णयों पर निर्भर करेगा।
तेलुगू देशम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू आगामी 12 जून को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह विजयवाड़ा के पास आयोजित होगा, जिसमें एनडीए के वरिष्ठ नेता और पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। यह राज्य के विभाजन के बाद उनका दूसरा कार्यकाल होगा और कुल मिलाकर चौथा।
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