आज कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन चुकी है, इसलिए खबरों पर नजर रखें। अगर आप घर से बाहर हैं तो जल्द से जल्द सुरक्षित जगह पर पहुंचें और अनावश्यक यात्रा न करें।
भारी पानी अक्सर सड़कें फिसलन भरी बना देता है, जिससे ड्राइवरों को दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। कई जगहों पर बिजली कटौती और टेलीफोन लाइनों में खराबी भी हो सकती है। अगर आपके क्षेत्र में नहर या नदी के पास रहते हैं तो जलस्तर बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए घर के नीचे से निकलते समय सतर्क रहें।
सबसे पहले अपने मोबाइल पर स्थानीय मौसम विभाग का अलर्ट चालू रखें। अगर पानी तेज़ी से बढ़ रहा हो तो घर की खिड़कियां और दरवाज़े बंद कर दें, ताकि जल अंदर न घुस सके।
बिजली के उपकरणों को प्लग से हटाकर रख दें, इससे शॉर्ट सर्किट का जोखिम कम होता है। अगर आप बाहर हैं, तो उच्च जमीन वाले स्थलों पर रुकें और पानी में चलने वाले गाड़ियों से दूर रहें। कार या बाइक से यात्रा करनी पड़े तो धीमी गति रखें और टायरों को अच्छी तरह फुला कर रखें।
किसी भी आपात स्थिति में निकटतम राहत केंद्र का पता रखिए। अक्सर स्थानीय पंचायतें और एटीएसवीसी मदद के लिए टीमें भेजते हैं, इसलिए उनके निर्देशों का पालन करें। अगर पानी आपके घर तक पहुंच रहा हो तो पहले सामान को ऊंचे स्थान पर रखें और जरूरी दवाइयाँ या दस्तावेज़ सुरक्षित जगह पर रखें।
भारी बारिश में सोशल मीडिया से अफवाहों में फँसना आसान है, इसलिए केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही जानकारी लें। सरकारी वेबसाइटें और आधिकारिक टेलिग्राम चैनल सबसे भरोसेमंद होते हैं।
बारिश खत्म होने के बाद भी सतर्क रहें। अक्सर जल जमा हुआ रहता है जो गलीचे या फुटपाथ को फिसला बना देता है। सफाई टीमों को समय पर बुलाएँ और पानी के जमाव को हटाने में मदद करें। इससे आगे की दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
अंत में, अगर आप अपने पड़ोसियों या रिश्तेदारों की मदद कर सकते हैं तो जरूर करें—भारी बारिश में मिलजुल कर ही सब सुरक्षित रह पाते हैं। छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी समस्याओं को रोक सकती हैं, इसलिए हमेशा तैयार रहें और सतर्क रहें।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, और गाजियाबाद के लिए अगले दो दिनों में बेहद भारी बारिश की संभावना जताई है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र है, जो पश्चिम उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है।
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