भारत सरकार ने हर साल बजट पेश करके आर्थिक दिशा तय करती है, और इस बार भी कुछ बड़े बदलाव सामने आए हैं। अगर आप नहीं जानते कि इन परिवर्तनों का आपके रोज़मर्रा के खर्चों पर कैसे असर पड़ेगा, तो यह लेख पढ़िए – आसान शब्दों में समझाया गया है.
सबसे पहले बात करते हैं टैक्स की। बजट 2024 में व्यक्तिगत आयकर स्लैब में थोड़ा सुधार हुआ है: 7 लाख रुपये तक की आय पर अब कोई कर नहीं, और 10 लाख से ऊपर के लिए रेट केवल 15% रखी गई है। इसका मतलब है कि मध्यम वर्ग को थोड़ी राहत मिल रही है। साथ ही, म्यूचुअल फंड टैक्स में भी छूट बढ़ाई गई – 5 साल की पूंजीगत लाभ पर अब 10% का कर नहीं लगेगा.
व्यवसायियों के लिए GST रेट में दो छोटे बदलाव किए गए हैं: कुछ आवश्यक वस्तुओं जैसे दाल, चावल और तेल पर 5% से 4% की दर रखी गई है, जिससे किराना बिल थोड़ा कम हो सकता है. दूसरी ओर, इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर 18% का रेट बना रहा, तो इस क्षेत्र में प्राइस नहीं घटेगा.
बजट ने कई कल्याण स्कीम भी लॉन्च की हैं। सबसे प्रमुख है ‘स्मार्ट एजुकेशन फंड’, जिसमें हर साल 10,000 रुपये तक का शिक्षा बोनस उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से कम है. यह बच्चे के ट्यूशन फीस या किताबों पर इस्तेमाल किया जा सकता है.
स्वास्थ्य सेक्टर में ‘नेशनल हेल्थ एन्हांसमेंट स्कीम’ शुरू हुई, जो ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त दवाइयों की पहुँच बढ़ाएगी। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 75+ उम्र से ऊपर के लोगों को हर साल 5,000 रुपये का अतिरिक्त पेंशन बोनस मिलेगा.
कृषि क्षेत्र में ‘डिजिटल फसल बीमा’ लॉन्च किया गया है, जिससे छोटे किसान अब ऑनलाइन अपने खेत की फ़सल बीमा कर सकते हैं, और क्लेम प्रक्रिया तेज़ होगी. इससे मौसम के अचानक बदलने या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान कम होगा.
अगर आप निवेशक हैं तो ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड्स’ में नई रेटिंग आई है – 8% की सालाना आय, टैक्स फ्री। यह विकल्प उन लोगों के लिए अच्छा रहेगा जो स्थिर रिटर्न चाहते हैं और साथ ही देश के विकास में योगदान भी देना चाहते हैं.
बजट ने स्टार्ट‑अप को भी मदद दी है: नई ‘इनोवेशन ग्रांट’ स्कीम में 10 लाख रुपये तक का फंड मिलेगा, जिसे तकनीकी उद्यमियों को शुरुआती चरण में मिल सकेगा. इसका मतलब है कि अगले साल आपके मोबाइल या ऐप की रचना इस योजना से हो सकती है.
अंत में, बजट के बारे में जानकारी रखने के लिए आप हमारी वेबसाइट ‘भारतीय दैनिक समाचार’ पर रोज़ अपडेट पढ़ सकते हैं। हर प्रमुख घोषणा का सारांश, विशेषज्ञों की राय और आसान समझ वाले वीडियो यहाँ मिलेंगे. तो देर न करें – बजट 2024 को समझें, अपने खर्चे बचाएँ और अवसरों को पकड़ें.
केंद्रीय बजट 2024 से पहले शेयर बाजार के विशेषज्ञों की सलाह और अपेक्षाओं पर चर्चा हो रही है। भारतीय निवेशकों को वित्तीय समेकन, अवसंरचना खर्च, और क्षेत्रवार निवेश पर ध्यान देना चाहिए। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करेंगी। आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में 6.5-7% जीडीपी वृद्धि का प्रक्षेपण है। बजट प्रस्तुतिकरण के 30 दिनों बाद बाजार अस्थिर हो सकता है।
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