मुंबई में इस साल लोकसभा चुनाव कई लोगों के लिए सबसे बड़े चर्चा का विषय बन गया है। लोग बस यह नहीं देख रहे कि कौन जीतेगा, बल्कि यह भी जानना चाहते हैं कि चुनाव किस तरह से चलेंगे, वोटिंग मशीनें कैसे काम करेंगी और नई रणनीतियों का असर क्या होगा।
भाजपा ने अपने दावेदार को शहर के विकास कार्यों पर ज़ोर देते हुए पेश किया है। उन्होंने शहरी बुनियादी ढाँचा, जल आपूर्ति और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी है। वहीं कांग्रेस ने सामाजिक न्याय और बेरोज़गारी समाधान को अपनी मुख्य बातें बनाकर प्रचार शुरू कर दिया है। कई बार असंतुलित क्षेत्रों में इन दोनों दलों के बीच मतदाता का झुकाव बदल रहा है।
अगर आप वोट देने वाले हैं, तो अपने वार्ड की स्थिति देखना फायदेमंद रहेगा। कुछ क्षेत्र में युवा वर्ग ने नई पार्टीयों को समर्थन देना शुरू कर दिया है, जिससे बड़े पार्टियों पर दबी दबाव बनता दिख रहा है। इस तरह के बदलाव चुनाव परिणामों को काफी हद तक प्रभावित करेंगे।
2025 में मुंबई में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल जारी रहेगा, पर साथ ही वीपीएएस (Voter-Verified Paper Audit Trail) को भी लागू किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि हर वोटर अपना मत कागज पर देख सकेगा और बाद में उसकी पुष्टि कर सकेगा। इस कदम से चुनाव की पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी के आरोप कम होंगे।
सुरक्षा के लिहाज़ से कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस ने विशेष जांच टीम बनाई है ताकि किसी भी तरह का दंगा या झगड़ा रोका जा सके। अगर आप मतदान केंद्र तक पहुँचने में परेशानी महसूस कर रहे हैं, तो ऑनलाइन ड्यूटियों की मदद ले सकते हैं—सरकारी पोर्टल पर अपना मतदाता आईडी डालें, और नजदीकी बूथ का पता तुरंत मिल जाएगा।
मुंबई में पिछले कुछ वर्षों के चुनावों में अक्सर वोटिंग टाइम के दौरान भीड़भाड़ की समस्या रही है। इस बार एसी ट्रांसपोर्ट का उपयोग करके मतदान केंद्र तक आसान पहुँच बनाने की कोशिशें चल रही हैं, जिससे देर से पहुंचने वाले मतदाताओं को समय पर अपना अधिकार मिल सके।
अब बात करते हैं परिणाम पूर्वानुमान की। सर्वेक्षण दिखाते हैं कि भाजपा और कांग्रेस के बीच अंतर कम हो रहा है, जबकि नई पार्टीयाँ जैसे AAP और स्थानीय दलों का समर्थन धीरे‑धीरे बढ़ रहा है। अगर यह रुझान जारी रहता है तो कई सीटें ‘हिंग्स’ बन सकती हैं—अर्थात् परिणाम तय नहीं होगा जब तक वोट गिनती पूरी न हो जाए।
आपके लिए सबसे उपयोगी टिप: चुनाव के पहले अपने मतपत्र को दो बार पढ़ लें, उम्मीदवारों की घोषणाओं का सार समझें और फिर सही फैसला करें। अगर आप किसी कारण से मतदान नहीं कर पाते तो भरोसेमंद परिवार या मित्र को अपना वोटिंग कार्ड सौंप सकते हैं—लेकिन यह कदम सावधानी से उठाएँ, क्योंकि नियम में इसका विशेष प्रावधान है।
समाप्ति में, मुंबई के नागरिकों को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र की ताकत हर एक वोट में निहित है। चाहे आप किसी भी पार्टी या उम्मीदवार को चुनें, आपका मतदान ही शहर की दिशा तय करेगा। तो तैयार हो जाइए, अपना मतदान केंद्र ढूँढिए और अपनी आवाज़ बुलंद करिए!
सोमवार, 20 मई 2024 को मुंबई की छह संसदीय सीटों पर लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण का मतदान हुआ। चुनाव आयोग के अधिकारियों की एक टीम ने मतदान प्रक्रिया की निगरानी की। प्रसिद्ध वकील उज्ज्वल निकम और युवा राजनेता मिहिर कोटेचा सहित कई उम्मीदवार मैदान में हैं।
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