केन्सिंगटन ओवल, बार्बाडोस का प्रमुख क्रिकेट स्टेडियम, हर साल अलग‑अलग दिखता है। इस रिपोर्ट में हम समझेंगे कि पिच पर कौन‑से कारक असर डाल रहे हैं और आपको कैसे तैयारी करनी चाहिए। चाहे आप दर्शक हों या खिलाड़ी – ये जानकारी काम आएगी।
अक्टूबर‑नवंबर में यहाँ हुए टेस्ट मैचों में पिच ने शुरुआती ओवर में हल्की गति दी, पर 30वें ओवर के बाद धीरे‑धीरे धीमी हो गई। तेज़ बॉलर को पहले पाँच ओवर में मदद मिली, लेकिन मध्य ओवर में स्पिनर्स का फायदा रहा। बल्लेबाज़ों ने पहली दो सत्र में चौके मारने की कोशिश में कठिनाई महसूस की, जबकि अंतिम सत्र में ग्राउंड पर लम्बी रनों का अवसर बढ़ा।
बॅट्समैन: शुरुआती ओवर में पैर को हल्का रखें, क्योंकि पिच अभी पूरी तरह से सेट नहीं होती। डिफ़ेंस करते समय बाहर की ओर झुकें – इससे बैकफुट पर बॉल कम तेज़ लगती है। 30वें ओवर के बाद स्पिनर का रिवर्स साइड गति बढ़ता है, इसलिए लेग‑स्टिल में खेलते रहें और छोटे शॉट्स को टार्गेट करें।
बॉलर: पहले पांच ओवर में तेज़ बॉल की लाइन बनाए रखें – पिच अभी थोड़ा गीला होती है, जिससे स्विंग अधिक मिलता है। मध्य ओवर में डिपोशन स्पिन का इस्तेमाल करें; ग्राउंड के दो हिस्से पर रगड़ने से टर्न बढ़ता है। आखिरी सत्र में बैक‑ऑफ़ और स्लो बॉल का प्रयोग करें, क्योंकि पिच धीरे‑धीरे फिसलनदार हो जाती है।
अगर आप टीम मैनेजर हैं तो पिच रिपोर्ट को मैच‑सेशन प्लानिंग में शामिल करना चाहिए। टॉस के बाद यदि आपके पास तेज़ गेंदबाज़ी है तो पहले दो ओवर में ही उन्हें भेजें, ताकि शुरुआती विकेट मिल सके। स्पिनर को मध्य सत्र में लाएँ और आखिरी में फुल‑ऑवन बैट्समैन को खेला कर रनों की भरपाई करें।
स्थानीय मौसम भी पिच पर असर डालता है। बारिश के बाद ग्राउंड में नमी बनी रहती है, जिससे बॉल की गति घटती है। धूप वाले दिन पिच जल्दी सूखती है और बॉलर को अधिक टर्न मिलता है। इसलिए मैच शुरू होने से पहले मौसम रिपोर्ट देखना फायदेमंद रहेगा।
दर्शकों के लिए एक छोटा टिप – अगर आप पिच पर घूमते हुए गेंदों को देखना चाहते हैं, तो स्टेडियम के बीच वाले सेक्शन में बैठें। यहाँ से दोनों बॉलर्स की लाइन और बैट्समैन की स्ट्रोक साफ़ दिखती है।
आगे आने वाली टी‑20 मैच में पिच पर तेज़ स्कोरिंग का मौका ज्यादा रहेगा, क्योंकि टेबल को छोटा रखने के कारण ग्राउंड जल्दी फिक्स हो जाता है। इस स्थिति में रनों की सुरक्षा के लिए स्लिपर्स की जगह गहरी फ़ील्डिंग रखें और बैक‑ऑफ़ बॉलर से स्पिनर की जाँच करें।
संक्षेप में, केन्सिंगटन ओवल पिच एक संतुलित मैदान है – शुरुआती ओवर तेज़ी देते हैं, मध्य में टर्न बढ़ता है और आखिरी सत्र में धीमी गति आती है। इस पैटर्न को समझ कर आप या तो विकेट ले सकते हैं या बड़े रनों का निर्माण कर सकते हैं। आशा है यह रिपोर्ट आपके अगले मैच की तैयारी आसान बनाएगी।
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2024 का फाइनल मैच 29 जून को केंसिंग्टन ओवल, ब्रिजटाउन, बारबाडोस में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। यह दक्षिण अफ्रीका का पहला टी20 विश्व कप फाइनल होगा, जबकि भारत ने दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है।
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